जरुरी जानकारी | सरकार की सकल बाजार उधारी दूसरी छमाही में 6.55 लाख करोड़ रुपये होगी

नयी दिल्ली, 26 सितंबर सरकार ने मंगलवार को कहा कि वह 2023-24 की दूसरी छमाही में प्रतिभूतियों के जरिए 6.55 लाख करोड़ रुपये उधार लेगी। इसमें सरकारी हरित बॉन्ड (एसजीआरबी) जारी करके 20,000 करोड़ रुपये जुटाए जाएंगे।

सरकार अपने राजकोषीय घाटे को मुख्य रूप से बाजार उधारी के माध्यम से पूरा करती है।

सरकार ने 2023-24 के लिए 15.43 लाख करोड़ रुपये की सकल बाजार उधारी का अनुमान लगाया था।

वित्त मंत्रालय ने एक बयान में कहा, ''भारत सरकार ने वित्त वर्ष 2023-24 की दूसरी छमाही में दिनांकित प्रतिभूतियों के माध्यम से 6.55 लाख करोड़ रुपये (15.43 लाख करोड़ रुपये का 42.45 प्रतिशत) उधार लेने का निर्णय लिया है, जिसमें 20,000 करोड़ रुपये के सरकारी हरित बॉन्ड शामिल हैं।''

बयान में कहा गया है कि लंबी अवधि की प्रतिभूतियों की बाजार मांग को देखते हुए पहली बार 50-वर्षीय प्रतिभूतियां जारी की जाएंगी।

कुल 6.55 लाख करोड़ रुपये की सकल बाजार उधारी 20 साप्ताहिक नीलामियों के माध्यम से पूरी की जाएगी। बाजार से कर्ज तीन, पांच, सात, 10, 14, 30, 40 और 50 साल की परिपक्वता अवधि वाली प्रतिभूतियों के जरिये जुटाये जाएंगे।

वित्त मंत्रालय ने कहा कि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने सरकारी खातों में अस्थायी विसंगतियों को दूर करने के मकसद से वित्त वर्ष 2023-24 में अक्टूबर-मार्च अवधि के लिये कर्ज जुटाने के उपाय अर्थोपाय अग्रिम (वेज एंड मीन एडवांस) सीमा 50,000 करोड़ रुपये तय की है।

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