देश की खबरें | मुट्ठी भर लोगों के लिए काम कर रही सरकार, अमीरों पर कर लगाने की सलाह नहीं सुनेगी : कांग्रेस

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. कांग्रेस ने सोमवार को अधिकार समूह ऑक्सफैम की नवीनतम असमानता रिपोर्ट जारी होने के बाद कहा कि केंद्र की नरेन्द्र मोदी सरकार केवल ‘मुट्ठी भर लोगों’ के लिए काम कर रही है और सबसे अमीर 21 भारतीयों के पास देश के 70 करोड़ लोगों से ज्यादा संपत्ति है।

नयी दिल्ली, 16 जनवरी कांग्रेस ने सोमवार को अधिकार समूह ऑक्सफैम की नवीनतम असमानता रिपोर्ट जारी होने के बाद कहा कि केंद्र की नरेन्द्र मोदी सरकार केवल ‘मुट्ठी भर लोगों’ के लिए काम कर रही है और सबसे अमीर 21 भारतीयों के पास देश के 70 करोड़ लोगों से ज्यादा संपत्ति है।

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने यह भी दावा किया कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को भारत के अमीरों पर संपत्ति कर लगाने का ऑक्सफैम का सुझाव अनसुना कर दिया जाएगा।

रमेश ने सिलसिलेवार ट्वीट में कहा, “सबसे अमीर 21 भारतीय अरबपतियों के पास 70 करोड़ भारतीयों की तुलना में अधिक संपत्ति है। भारत के शीर्ष एक प्रतिशत के पास अब कुल संपत्ति का 40.5 प्रतिशत हिस्सा है। कोविड-19 के प्रकोप के बाद से भारत के अरबपतियों की संपत्ति में 121 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। यह सरकार की वजह से है, जो मुट्ठी भर लोगों के लिए काम करती है।”

उन्होंने यह भी कहा, “ऑक्सफैम इंडिया ने वित्त मंत्री से अमीरों पर संपत्ति कर लगाने का आग्रह किया है। उसका सुझाव निश्चित रूप से अनसुना कर दिया जाएगा।”

ऑक्सफैम की नवीनतम रिपोर्ट के अनुसार, भारत में सबसे अमीर एक प्रतिशत के पास अब देश की कुल संपत्ति का 40 प्रतिशत से अधिक हिस्सा है, जबकि नीचे की आधी आबादी के पास केवल तीन प्रतिशत संपत्ति है।

विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) की वार्षिक बैठक के पहले दिन सोमवार को दिल्ली में अपनी वार्षिक असमानता रिपोर्ट में ऑक्सफैम इंटरनेशनल ने यह जानकारी दी। रिपोर्ट के मुताबिक, भारत के दस सबसे धनी लोगों पर पांच प्रतिशत कर लगाने से बच्चों को स्कूल वापस लाने के लिए पूरा धन मिल सकता है।

इसमें कहा गया है, “सिर्फ एक अरबपति गौतम अडानी को 2017-2021 के बीच मिले अवास्तविक लाभ पर एकमुश्त कर लगाकर 1.79 लाख करोड़ रुपये जुटाए जा सकते हैं, जो भारतीय प्राथमिक विद्यालयों के लिए 50 लाख से अधिक शिक्षकों को एक साल के लिए नियुक्त करने के वास्ते पर्याप्त हैं।”

'सबसे धनी की उत्तरजीविता' शीर्षक वाली रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि अगर भारत के अरबपतियों की पूरी संपत्ति पर दो फीसदी की दर से एकमुश्त कर लगाया जाए, तो इससे देश में अगले तीन साल तक कुपोषित लोगों के पोषण के लिए 40,423 करोड़ रुपये की जरूरत को पूरा किया जा सकेगा।

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