जरुरी जानकारी | सरकार विनिवेश लक्ष्य हासिल करने के लिये रणनीतिक बिक्री पर ध्यान देगी: दीपम सचिव
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. सरकार चालू वित्त वर्ष में केंद्रीय लोक उपक्रमों में हिस्सेदारी बिक्री के जरिये 1.20 लाख करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य हासिल करने के लिये रणनीतिक बिक्री पर ध्यान देगी। निवेश और लोक परिसपंत्ति प्रबंधन विभाग (दीपम) के सचिव तुहिन कांत पांडेय ने शुक्रवार को यह कहा।
नयी दिल्ली, तीन जुलाई सरकार चालू वित्त वर्ष में केंद्रीय लोक उपक्रमों में हिस्सेदारी बिक्री के जरिये 1.20 लाख करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य हासिल करने के लिये रणनीतिक बिक्री पर ध्यान देगी। निवेश और लोक परिसपंत्ति प्रबंधन विभाग (दीपम) के सचिव तुहिन कांत पांडेय ने शुक्रवार को यह कहा।
सरकार एयर इंडिया और तेल कंपनी बीपीसीएल में रणनीति बिक्री के लिये बोलियां पहले ही आमंत्रित कर चुकी है। हालांकि कोविड-19 महामारी को देखते हुए बोली जमा करने की समयसीमा बढ़ायी गयी है।
बीपीसीएल में सरकार 52.98 प्रतिशत, जबकि एयर इंडिया में 100 प्रतिशत हिस्सेदारी बेच रही है। बीपीसीएल के मामले में समयसीमा 31 जुलाई और एयर इंडिया के मामले में 31 अगस्त तक बढ़ायी गयी है।
भारत बांड ईटीएफ पर वेबिनार (इंटरनेट के जरिये होने वाला सम्मेलन) में पांडेय ने कहा कि दीपम की केंद्रीय लोक उपक्रमों में अल्पांश हिस्सेदारी बेचने का प्रस्ताव है लेकिन हमारा रणनीतिक विनिवेश पर जोर है।
उन्होंने कहा, ‘‘हमारे कई सौदौं पर काम जारी है और वे आगे बढ़ रहे हैं। लेकिन कोविड के कारण बाधा उत्पन्न हुई है। रुचि पत्र को लेकर समयसीमा बढ़ायी गयी है लेकिन सरकार ने स्पष्ट किया है कि हम रणनीति विनिवेश को आक्रमक तरीके से आगे बढ़ाने के रास्ते पर हैं।’’
पांडेय ने कहा, ‘‘निश्चित रूप से बिक्री पेशकश (ओएफएस), पुनर्खरीद होगा...लेकिन रणनीतिक विनिवेश पर अधिक जोर होगा।’’
सरकार ने वित्त वर्ष 2020-21 के लिये 2.10 लाख करोड़ रुपये के विनिवेश का लक्ष्य रखा है। इसमें 1.20 लाख करोड़ रुपये सार्वजनिक उपक्रमों के विनिवेश से और 90,000 करोड़ रुपये भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) समेत वित्तीय संस्थानों में हिस्सेदारी बिक्री के जरिये मिलने की उम्मीद है।।
फिलहाल एयर इंडिया, बीईएमएल, स्कूटर्स इंडिया, भारत पंप कम्प्रेशर और सेल की कुछ इकाइयों में रणनीतिक बिक्री को आगे बढ़ाया जा रहा है।
सरकार ने मई में कहा था कि रणनीतिक क्षेत्रों में अधिकतम चार सार्वजनिक उपक्रम होंगे जबकि अन्य क्षेत्रों में मौजूद सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों का निजीकरण किया जाएगा।
यह नई सार्वजनिक उपक्रम नीति का हिस्सा है जिसे केंद्रीय लोक उपक्रमों में सुधारों के लिये तैयार किया गया है।
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