देश की खबरें | धर्म या देश के खिलाफ बोलने वालों को सरकार ना दे सुरक्षा: भाजपा सांसद

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने प्रत्यक्ष तौर पर नुपुर शर्मा विवाद का जिक्र करते हुए मंगलवार को कहा कि कुछ लोग सुरक्षा पाने के मकसद से धर्म और देश के खिलाफ गलत बयानबाजी करते हैं और ऐसे लोगों को केंद्र एवं राज्य सरकारों द्वारा सुरक्षा नहीं दी जानी चाहिए।

नयी दिल्ली, 19 जुलाई भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने प्रत्यक्ष तौर पर नुपुर शर्मा विवाद का जिक्र करते हुए मंगलवार को कहा कि कुछ लोग सुरक्षा पाने के मकसद से धर्म और देश के खिलाफ गलत बयानबाजी करते हैं और ऐसे लोगों को केंद्र एवं राज्य सरकारों द्वारा सुरक्षा नहीं दी जानी चाहिए।

सिंह पांच बार के सांसद हैं और वह वर्तमान में उत्तर प्रदेश के कैसरगंज संसदीय क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं।

संसद भवन परिसर में पत्रकारों से चर्चा में उन्होंने कहा, ‘‘यह मेरा विचार है कि यदि कोई देश या किसी धर्म के खिलाफ कुछ बोलता है, जिससे लोगों की भावनाएं आहत होती हैं तो कम से कम केंद्र या राज्य सरकारों को उसे सुरक्षा नहीं देनी चाहिए। कुछ लोग सुरक्षा पाने और देश का माहौल खराब करने के मकसद से गलत बयानी करते हैं।’’

उनसे नुपुर शर्मा विवाद को लेकर सवाल किया गया था। इस विवाद के बाद इस्लामिक कट्टरपंथियों ने नुपूर शर्मा के पैगंबर मोहममद के खिलाफ की गई कथित विवादास्पद टिप्पणी का समर्थन करने के लिए कुछ लोगों की हत्या भी कर दी गई थी।

शर्मा को उनके इस बयान के बाद भाजपा से निलंबित कर दिया गया था।

सिंह से जब यह पूछा गया कि क्या शर्मा को सुरक्षा दी जानी चाहिए, उन्होंने कहा, ‘‘मैं इतना बड़ा नहीं हूं कि किसी के बारे में कोई निर्णय कर सकूं। मेरा मानना है कि यदि माहौल खराब करने के इरादे से कोई देश या किसी धर्म के खिलाफ बोलता है तो उस व्यक्ति को किसी भी सरकार द्वारा सुरक्षा नहीं दी जानी चाहिए, चाहे वह सत्ताधारी पार्टी का हो या फिर विपक्ष का।’’

उच्चतम न्यायालय ने भाजपा की निलंबित प्रवक्ता नुपुर शर्मा को पैगंबर मोहम्मद पर की गई टिप्पणी को लेकर कई राज्यों में उनके खिलाफ दर्ज प्राथमिकियों/शिकायतों के संबंध में मंगलवार को दंडात्मक कार्रवाई से संरक्षण प्रदान कर दिया।

न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जेबी परदीवाला की पीठ ने अपने एक जुलाई के आदेश के बाद शर्मा को कथित रूप से जान से मारने की धमकी मिलने का संज्ञान लेते हुए उन्हें भविष्य में दर्ज हो सकने वाली प्राथमिकियों/शिकायतों में भी दंडात्मक कार्रवाई से राहत दे दी।

ब्रजेन्द्र

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now

\