जरुरी जानकारी | सरकार ने एन95 मास्क, चिकित्सा किट के निर्यात की शर्तों में ढील दी
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. सरकार ने मंगलवार को कोरोना वायरस संक्रमण से बचाव में काम आने वाले मास्क और डाक्टरों द्वारा पहने जाने वाली चिकित्सा पोशाक (किट) के निर्यात पर लगी पाबंदियों में ढील दी है।
नयी दिल्ली, 25 अगस्त सरकार ने मंगलवार को कोरोना वायरस संक्रमण से बचाव में काम आने वाले मास्क और डाक्टरों द्वारा पहने जाने वाली चिकित्सा पोशाक (किट) के निर्यात पर लगी पाबंदियों में ढील दी है।
विदेश व्यापार महानिदेशालय की अधिसूचना में इसकी जानकारी देते हुये कहा गया है कि, ‘‘एन-95 और एफएफपी2 मास्क और इनके ही समान दूसरे मास्क की निर्यात नीति को संशोधित कर इसे निर्यात निषेध की श्रेणी से हटाकर प्रतिबंधित श्रेणी में ला दिया गया है।’’
इसमें कहा गया है कि एन-95 और एफएफपी2 मास्क अथवा इनके समकक्ष मास्क के निर्यात का लाइसेंस जारी करने के वास्ते मासिक 50 लाख इकाई का निर्यात कोटा तय किया गया है। इन मास्क के निर्यात के बारे में मानदंडों को अलग से जारी किया जायेगा।
विदेश व्यापार महानिदेशालय ने इसके साथ ही दोहरी, तिहरी परत वाले चिकित्सकीय मास्क और सभी श्रेणियों के चिकित्सा कपड़े (किट) से भी निर्यात प्रतिबंध हटा लिये हैं। इनके निर्यात को प्रतिबंधित श्रेणी से हटाकर अब निर्यात की मुक्त श्रेणी में डाल दिया गया है। इन चकित्सा उपकरणों का अब बिना किसी रुकावट के निर्यात किया जा सकेगा।
यह भी पढ़े | 7th Pay Commission: इस सरकारी पेंशन स्कीम में आप भी कर सकते है निवेश, बुढ़ापे में नहीं होगी पैसे की किल्लत.
हालांकि, डीजीएफटी ने कहा है कि चिकित्सा चश्मे फिलहाल 20 लाख इकाई के मासिक निर्यात कोटा के साथ प्रतिबंधित श्रेणी में बने रहेंगे। वहीं खास किस्म के चिकित्सा दस्तानों के निर्यात पर पाबंदी जारी रहेगी।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)