जरुरी जानकारी | सरकार ने उचित समय पर और प्रोत्साहन उपाय किये जाने की जरूरत को माना है: सान्याल

नयी दिल्ली, सात अक्टूबर प्रधान आर्थिक सलाहकार संजीव सान्याल ने बुधवार को कहा कि कोविड- 19 से प्रभावित अर्थव्यवस्था में मांग बढ़ाने के लिये उचित समय पर और प्रोत्साहन उपाय किये जाने की जरूरत को सरकार ने माना है।

वाणिज्य एवं उद्योग मंडल पीएचडी चैंबर आफ कामर्स एण्ड इंडस्ट्री की 115वीं वार्षिक आम बैठक को संबोधित करते हुये उन्होंने कहा कि मौद्रिक और राजकोषीय स्तर पर और प्रोत्साहनों पर अमल के लिये गुंजाइश है।

यह भी पढ़े | Fire Breaks Out At Petrol Pump in Bhubaneswar: भुवनेश्वर में राजभवन के पास पेट्रोल पंप में लगी आग, 3 लोग घायल.

देश में कोविड- 19 महामारी के प्रसार के बाद सरकार ने सबसे पहले 1.70 लाख करोड़ रुपये की प्रधान मंत्री गरीब कल्याण योजना की घोषणा की, उसके बाद 20.97 लाख करोड़ रुपये के आत्मनिर्भर भारत अभियान पैकेज की घोषणा की गई। हालांकि, कई विश्लेषकों ने सरकार की इस घोषणा को अर्थव्यवस्था में मांग बढ़ाने संबंधी उनकी चिंताओं को दूर करने में उम्मीद से कम बताया।

उन्होंने कहा, ‘‘हालांकि, हम इस बात को मानते हैं कि अर्थव्यवस्था में उचित समय आने पर और प्रोत्साहन उपायों की आवश्यकता है।’’

यह भी पढ़े | Bihar Assembly Election 2020: बीजेपी को दूसरा झटका, उषा विद्यार्थी एलजेपी में शामिल.

सान्याल ने कहा कि यह कोई नई बात नहीं है। उन्होंने कहा कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने हाल ही में इस बारे में बात की है।

अर्थव्यवस्था में कमजोर मांग को लेकर व्यक्त की जा रही चिंता पर सान्याल ने कहा कि कई देशों में जहां बड़े पैमाने पर मोग सृजन को लेकर कदम उठाये गये हैं उनके मुकाबले भारत की सोच राजकाषीय अड़चनों को ध्यान में रखते हुये समाज के गरीब एवं वंचित तबके और व्यवसायिक क्षेत्र दोनों के लिये एक सुरक्षा दायरा बनाने पर रहा है।

सान्याल ने कहा, ‘‘यदि हम अप्रैल, मई, जून के महीनों में अर्थव्यवस्था में खपत मांग बढ़ाने के लिये बड़ी पहल करते तो यह पूरी तरह से संसाधनों को जाया करने के समान होता क्योंकि हमने इस दौरान खर्च करने के सभी रास्तों को खुद ही बंद किया हुआ था।’’

लॉकडाउन से बाहर निकलने के बाद अब विनिमाण क्षेत्र भी धीरे धीरे पटरी पर लौटने लगा है और सेवा क्षेत्र में भी गतिविधियां बढ़ रही है। उन्होंने कहा, ‘‘अब जब हमने चीजों को खोला है, स्पष्ट तौर पर हम ऐसा करने (प्रोत्साहन पैकेज की घोषणा) के लिये बेहतर स्थिति में हैं। इस बारे में मैं कहना चाहूंगा कि मौद्रिक और राजकोषीय दोनों तरफ इसके लिये गुंजाइश है और इनके इस्तेमाल की भी इच्छा है।’’

ब्रिक्स देशों द्वारा गठित नव विकास बैंक के पूर्व अध्यक्ष के वी कामत ने भी इसी तरह के विचार व्यक्त करते हुये कहा कि अर्थव्यवस्था में जान फूंकने के लिये एक और पैकेज के लिये मौद्रिक और राजकोषीय दोनों तरफ से नये उपाय किये जाने की गुंजाइश है।

कामत ने कहा कि भारत के पास अगले 25 साल तक दहाई अंक में वृद्धि पाने के लिये असीमित अवसर और संभावनायें हैं।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)