जरुरी जानकारी | धान की सरकारी खरीद पहुंची 1.26 लाख करोड़ रुपये पर

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. नए कृषि कानूनों पर किसान यूनियनों के विरोध के बीच सरकारी एजेंसियों ने चालू खरीद विपणन सत्र में 669.59 लाख टन धान की खरीद की है जो एक साल पहले इस समय तक की खरीद से 15 प्रतिशत अधिक है।

नयी दिल्ली, चार मार्च नए कृषि कानूनों पर किसान यूनियनों के विरोध के बीच सरकारी एजेंसियों ने चालू खरीद विपणन सत्र में 669.59 लाख टन धान की खरीद की है जो एक साल पहले इस समय तक की खरीद से 15 प्रतिशत अधिक है।

केंद्र सरकार की बृहस्पतिवार को जारी एक विज्ञप्ति के मुताबिक न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर खरीदे गए धान का मूल्य 1.26 लाख करोड़ रुपये है। खरीफ की फसले अक्टूबर से बाजार में आने लगती है। कुछ राज्यों में धान की खेती रबी (जाड़े में) में भी की जाती है।

बयान में कहा गया है कि सरकार ने तीन मार्च तक 669.59 लाख टन धान की खरीद की है। यह पिछले वर्ष इस समय तक खरीदी गयी 583.34 लाख टन की मात्रा से 14.78 प्रतिशत अधिक है।

.इस बार धान की सरकारी खरीद से करीब 97.70 लाख किसान लाभान्वित हो चुके है। एमएसपी पर खरीदे गए धान का कुल मूल्य 1,26,418.70 करोड़ रुपये है।

खरीफ मौसम में की गई इस खरीद में से अकेले पंजाब से ही 202.82 लाख टन धान की खरीद की गई है।

खाद्य मंत्रालय ने कहा है कि 3 मार्च तक 91 लाख 80 हजार 412 कपास की गांठें खरीदी गई जिसका मूल्य 26,716.31 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया। इससे 18 लाख 97 हजार 002 किसानों का लाभ हुआ।

यहां यह उल्लेखनीय है कि केन्द्र सरकार के तीन कृषि कानूनों को निरस्त किये जाने और न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद की कानूनी गारंटी दिये जाने की मांग को लेकर मुख्यतौर से पंजाब, हरियाणा और पश्चिम उत्तर प्रदेश के किसान दिल्ली की सीमाओं पर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।

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