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देश की खबरें | बिहार सरकार ने ‘इंटर्नशिप’ करने वाले युवाओं को वित्तीय सहायता देने के लिए योजना शुरू की

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देश की खबरें | बिहार सरकार ने ‘इंटर्नशिप’ करने वाले युवाओं को वित्तीय सहायता देने के लिए योजना शुरू की

पटना, एक जुलाई बिहार सरकार ने 12वीं की बोर्ड परीक्षा पास करने के बाद युवाओं को ‘इंटर्नशिप’ के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करने के उद्देश्य से मंगलवार को 'मुख्यमंत्री प्रतिज्ञा' योजना शुरू की।

युवाओं की बेरोजगारी को दूर करने और छात्रों के बीच उद्यमशीलता बढ़ाने के उद्देश्य से सशुल्क ‘इंटर्नशिप’ कार्यक्रम शुरू करने का निर्णय मंगलवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में लिया गया।

अतिरिक्त मुख्य सचिव (कैबिनेट सचिवालय) एस. सिद्धार्थ ने कहा, "मंत्रिमंडल ने मंगलवार को 'मुख्यमंत्री प्रतिज्ञा' योजना को मंजूरी दी। इस योजना में कौशल विकास कार्यक्रम के तहत प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले या फिर औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) से डिप्लोमा, स्नातक व स्नातकोत्तर की पढ़ाई कर चुके 18 से 28 वर्ष की आयु के युवाओं को इंटर्नशिप प्रशिक्षण प्राप्त करने के लिए वित्तीय सहायता मिलेगी।"

सिद्धार्थ ने कहा कि इंटर्नशिप कार्यक्रम के दौरान युवाओं को तीन महीने से लेकर 12 महीने तक की अवधि के लिए वित्तीय सहायता दी जाएगी।

उन्होंने कहा कि उच्चतर माध्यमिक परीक्षा पास करने वालों को इंटर्नशिप के लिए 4,000 रुपये प्रति माह मिलेंगे जबकि आईटीआई डिप्लोमा पास उम्मीदवारों को 5,000 रुपये प्रति माह और स्नातक व स्नातकोत्तर युवाओं को 6,000 रुपये प्रति माह की इंटर्नशिप राशि मिलेगी।

इसके अलावा, जो युवा अपने गृह जिले से बाहर इंटर्नशिप कार्यक्रमों के लिए जाएंगे, उन्हें आजीविका सहायता के रूप में प्रति माह 2,000 रुपये अतिरिक्त मिलेंगे, जबकि राज्य से बाहर इंटर्नशिप करने वालों को प्रति माह 5,000 रुपये अतिरिक्त मिलेंगे।

सिद्धार्थ ने कहा कि आजीविका सहायता अधिकतम तीन महीने की अवधि के लिए उपलब्ध होगी।

उन्होंने कहा कि इंटर्नशिप राशि का भुगतान सीधे उनके बैंक खातों में किया जाएगा। सिद्धार्थ ने कहा कि इस संबंध में एक समिति गठित की गई है।

अधिकारी ने बताया कि पैनल की अध्यक्षता विकास आयुक्त करेंगे, जबकि उद्योग जगत के सदस्य भी इसमें शामिल होंगे।

उन्होंने बताया कि एक अन्य निर्णय में, मंत्रिमंडल ने कला, संस्कृति एवं युवा विभाग की "मुख्यमंत्री कलाकार पेंशन योजना" के तहत कलाकारों को 3000 रुपये प्रतिमाह पेंशन देने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी।

अधिकारी ने बताया कि उन कलाकारों को पेंशन दी जाएगी जिन्होंने राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने में मदद करने के लिए पारंपरिक शास्त्रीय दृश्य और प्रदर्शन कला को कम से कम 10 वर्ष का समय दिया है।

उन्होंने कहा, "इस पेंशन का लाभ उठाने के लिए मानदंड यह है कि कलाकार की आयु कम से कम 50 वर्ष होनी चाहिए, जबकि उनकी वार्षिक आय 1.20 लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए।"

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(The above story first appeared on LatestLY on Jul 01, 2025 07:42 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).