नयी दिल्ली, 25 फरवरी कांग्रेस ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा पाकिस्तान के एफ-16 युद्धक विमान के बेड़े के रखरखाव के लिए कथित तौर पर 39.7 करोड़ डॉलर आवंटित किए जाने के फैसले को लेकर मंगलवार को मोदी सरकार की कूटनीतिक रणनीति पर सवाल उठाये और कहा कि राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए भारत की विदेश नीति की प्राथमिकताओं के पुनर्मूल्यांकन की जरूरत है।
इस मामले पर सरकार या सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई।
कांग्रेस के मीडिया और प्रचार विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा पाकिस्तान के एफ-16 बेड़े के रखरखाव के लिए 39.7 करोड़ डॉलर आवंटित करने के हालिया निर्णय से मोदी सरकार के राजनयिक असर को लेकर गंभीर सवाल खड़े होता है।
उन्होंने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘यह कदम वर्ष 2022 के तत्कालीन बाइडन प्रशासन के 45 करोड़ डॉलर के पैकेज की याद दिलाता है, जो पाकिस्तान को अमेरिकी सैन्य समर्थन के पूरे सिलसिले का परिचायक है।’’
खेड़ा ने कहा कि इस तरह के कदम भारत के सुरक्षा हितों से कहीं न कहीं समझौता करने वाले हैं, खासकर पाकिस्तान द्वारा भारत के खिलाफ एफ-16 के ऐतिहासिक इस्तेमाल को देखते हुए यह सवाल उठता है।
उन्होंने बताया कि संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार के कार्यकाल (2004-2014) के दौरान, भारत और अमेरिका ने सैन्य आधुनिकीकरण, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण, परमाणु ऊर्जा और आतंकवाद विरोधी सहित कई क्षेत्रों में अपने रणनीतिक और रक्षा सहयोग को काफी प्रगाढ़ किया था।
खेड़ा ने कहा कि संप्रग के कार्यकाल के दौरान की गई मजबूत कूटनीतिक और रणनीतिक पहलों ने भारत-अमेरिका संबंधों को प्रगाढ़ बनाने के साथ भारत की रक्षा क्षमताओं और वैश्विक प्रभाव को मजबूत किया था।
उन्होंने कहा कि मोदी सरकार की विदेश नीति की प्राथमिकताओं का पुनर्मूल्यांकन होना चाहिए।
हक
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)












QuickLY