जरुरी जानकारी | सरकार प्रतिभूतियों को विदेश में सीधे सूचीबद्ध कराने के लिए बजट सत्र में ला सकती है संशोधन विधेयक
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मुंबई, 25 अगस्त राजस्व सचिव तरुण बजाज ने बुधवार को कहा कि सरकार संसद के बजट सत्र में विधायी संशोधन पेश कर सकती है, ताकि भारतीय कंपनियां कुछ निर्धारित वर्गों में प्रतिभूतियों को विदेश में सीधे सूचीबद्ध कर सकें।
उन्होंने कहा कि इस समय भारतीय कंपनियों को विदेश में प्रतिभूतियों को सीधे सूचीबद्ध कराने की अनुमति है, लेकिन कुछ ऐसे मुद्दे हैं, जिन्हें हल करने की जरूरत है। उन्होंने हालांकि इन बाधाओं का विस्तार से जिक्र नहीं किया।
बजाज ने कहा, ‘‘सरकार सीधे सूचीबद्ध कराने के मसले पर विचार कर रही है, क्योंकि इसे सफल बनाने के लिए कानून में कुछ संशोधनों की जरूरत है, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि भारत के बाहर भी इन प्रतिभूतियों का सुचारू रूप से कारोबार हो।’’
उन्होंने कहा, ‘‘हम इसकी मांग कर रहे पक्षों से बात कर रहे हैं। शायद बजट सत्र में हम देखेंगे कि क्या किया जा सकता है।’’
संसद का बजट सत्र आमतौर पर हर साल जनवरी के अंतिम सप्ताह में शुरू होता है।
बजाज ने यह भी कहा कि इस समय अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र (आईएफएससी) में ऐसी प्रतिभूतियों को सूचीबद्ध करने की कोई अनिवार्य आवश्यकता नहीं है।
संसद ने सितंबर 2020 में कंपनी (संशोधन) विधेयक 2020 को पारित किया जिसमें भारतीय कंपनियों के सीधे विदेशी बाजारों में सूचीबद्ध कराने की अनुमति दी गई।
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