MP Liquor Ban: मध्यप्रदेश में शराबबंदी के लिए नागरिकों को जागरूक कर रही सरकार, समाज के प्रयास भी जरूरी; CM मोहन यादव
मध्यप्रदेश सरकार के 17 धार्मिक स्थलों पर शराब की दुकानें बंद करने के फैसले के दो दिन बाद मुख्यमंत्री मोहन यादव ने रविवार को कहा कि राज्य सरकार शराबबंदी के लिए नागरिकों को जागरूक कर रही है और इस अभियान की कामयाबी के लिए समाज के प्रयास भी जरूरी हैं.
इंदौर, 26 जनवरी : मध्यप्रदेश सरकार के 17 धार्मिक स्थलों पर शराब की दुकानें बंद करने के फैसले के दो दिन बाद मुख्यमंत्री मोहन यादव ने रविवार को कहा कि राज्य सरकार शराबबंदी के लिए नागरिकों को जागरूक कर रही है और इस अभियान की कामयाबी के लिए समाज के प्रयास भी जरूरी हैं. मुख्यमंत्री ने देश के 76वें गणतंत्र दिवस पर इंदौर के नेहरू स्टेडियम में राष्ट्रध्वज तिरंगा फहराकर रस्मी परेड की सलामी ली. उन्होंने इस मौके पर अपने संबोधन में कहा कि सूबे के नागरिकों को मद्य निषेध के लिए जागरूक किया जा रहा है और इस काम में समाज व सरकार के साझे प्रयासों से ही सफलता मिल सकती है.
यादव ने कहा कि राज्य सरकार ने साधु-संतों और सामाजिक संगठनों के सुझावों पर प्रदेश के धार्मिक नगरों में शराब की दुकानें बंद करने का निर्णय किया है. उन्होंने कहा,‘‘प्रदेश में नर्मदा नदी के दोनों किनारों पर शराबबंदी पहले की तरह लागू रहेगी.’’ यादव की अगुवाई में महेश्वर में 24 जनवरी को संपन्न मंत्रिमंडल की बैठक में सूबे के धार्मिक नगरों में शराब की दुकानें बंद करने का निर्णय किया गया था. मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार की अलग-अलग उपलब्धियां गिनाते हुए कहा कि मध्यप्रदेश विकसित राज्य के रूप में पहचान बना रहा है और निवेश के लिए देश का आकर्षक सूबा बन गया है. यह भी पढ़ें : मुर्मू ने गणतंत्र दिवस पर कर्तव्य पथ पर तिरंगा फहराया, इंडोनेशिया के राष्ट्रपति बने भव्य समारोह के गवाह
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने 2025 को ‘उद्योग और रोजगार वर्ष’ घोषित किया है. यादव ने बताया कि अलग-अलग स्थानों पर संपन्न सात क्षेत्रीय औद्योगिक सम्मेलनों और देश-दुनिया के प्रमुख शहरों में आयोजित कार्यक्रमों से राज्य सरकार को 4.17 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा के निवेश के प्रस्ताव मिले हैं. उन्होंने कहा कि इन प्रस्तावों के मूर्त रूप लेने पर चार लाख से ज्यादा लोगों को रोजगार मिलेगा. मुख्यमंत्री ने गणतंत्र दिवस पर डॉ. बीआर आंबेडकर को याद करते हुए कहा कि देश का संविधान बनाने में उनकी अविस्मरणीय भूमिका रही है.
यादव ने कहा कि देश का संविधान नागरिकों को गौरव और स्वाभिमान के साथ उनके कर्तव्यों और अधिकारों का बोध भी कराता है. आंबेडकर ने ब्रितानी राज के सैन्य अफसर रामजी मालोजी सकपाल और भीमाबाई की संतान के रूप में 14 अप्रैल 1891 को इंदौर के पास महू के काली पलटन इलाके में जन्म लिया था. कांग्रेस, गणतंत्र दिवस के अगले दिन 27 जनवरी (सोमवार) को महू में ‘जय बापू-जय भीम-जय संविधान’ रैली निकालने जा रही है. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) शासित प्रदेश में होने वाली रैली में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी भी भाग लेंगे.
(The above story first appeared on LatestLY on Jan 26, 2025 11:16 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

