कोल इंडिया को बेचने का सरकार का कोई इरादा नहीं: मंत्री
यह बयान तब दिया गया है जब सरकार ने कोयला खनन क्षेत्र को निजी कंपनियों के लिये खोलने की तैयारी कर ली है।
नयी दिल्ली, 18 मई केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी ने सोमवार को कहा कि सरकारी कंपनी कोल इंडिया के निजीकरण का सरकार का कोई इरादा नहीं है।
यह बयान तब दिया गया है जब सरकार ने कोयला खनन क्षेत्र को निजी कंपनियों के लिये खोलने की तैयारी कर ली है।
कोयला मंत्री ने कहा, "भारत सरकार का कोल इंडिया लिमिटेड के निजीकरण का इरादा नहीं है। इसके बजाय, सरकार कोल इंडिया को मजबूत कर रही है और ये प्रयास आगे भी जारी रहेंगे।"
उन्होंने कहा कि सरकार ने कोल इंडिया के लिये बुनियादी सुविधायें विकसित करने को लेकर "आत्मनिर्भर भारत अभियान" के तहत 50,000 करोड़ रुपये के निवेश की घोषणा की है।
यह घोषणा 2023-24 तक कोल इंडिया को एक अरब टन कोयला उत्पादन का लक्ष्य हासिल करने में मदद करेगी।
घरेलू कोयले के उत्पादन में कोल इंडिया की हिस्सेदारी 80 प्रतिशत से अधिक है।
उन्होंने कहा, "यह कोल इंडिया के लिये नयी खानें खोलने और देश का कोयला आयात कम कर मूल्यवान विदेशी मुद्रा की बचत बढ़ाने का एक अवसर है।’’
उन्होंने कहा कि कोल इंडिया निकट भविष्य में सालाना 10 करोड़ टन आयातित कोयले की भरपाई करेगी।
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(The above story first appeared on LatestLY on May 18, 2020 09:10 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

