एजेंसी न्यूज

देश की खबरें | बेरोजगारी की सच्चाई छिपाने के लिए सरकार रही है आंकड़ों की बाजीगरी: कांग्रेस

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. कांग्रेस ने रविवार को आरोप लगाया कि सरकार बेरोजगारी की सच्चाई को छिपाने के लिए आंकड़ों की बाजीगरी कर रही है।

देश की खबरें | बेरोजगारी की सच्चाई छिपाने के लिए सरकार रही है आंकड़ों की बाजीगरी: कांग्रेस

नयी दिल्ली, 31 मार्च कांग्रेस ने रविवार को आरोप लगाया कि सरकार बेरोजगारी की सच्चाई को छिपाने के लिए आंकड़ों की बाजीगरी कर रही है।

पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने यह भी दावा किया कि आज बेरोजगारी दर पिछले चार दशकों में सबसे अधिक है।

रमेश ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘हाल ही में एक केंद्रीय मंत्री ने आईएलओ (अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन) की रोजगार रिपोर्ट को भारत की "गुलाम मानसिकता" का लक्षण बताया। इसके बजाय, उन्होंने ईपीएफओ, ईएसआई और राष्ट्रीय पेंशन योजना के डेटाबेस के आधार पर वित्त वर्ष 2020 और वित्त वर्ष 2023 के बीच 5.2 करोड़ नई औपचारिक नौकरियों का बेतुका दावा किया।’’

उन्होंने कहा, ‘‘जैसा कि कई अर्थशास्त्रियों ने साबित किया है, वित्त वर्ष 2020-23 के बीच कुल रोजगार सृजन ज्यादा से ज्यादा 2.27 करोड़ हुआ है। तीन वर्षों में ये 2.27 करोड़ नौकरियां भी मोदी सरकार के प्रति वर्ष दो करोड़ नौकरी देने के वादे से कोसों दूर है। लेकिन, अब ऐसा लगता है कि यह 2.27 करोड़ का आंकड़ा भी वास्तविकता से अधिक है।’’

कांग्रेस महासचिव के अनुसार, 2020 के उच्चतम न्यायालय के फ़ैसले के अनुसार ईपीएफओ को 20 से अधिक लोगों को रोज़गार देने वाले किसी भी प्रतिष्ठान में संविदा कर्मियों को शामिल करना आवश्यक है।

रमेश ने दावा किया कि ईपीएफओ में वृद्धि का एक कारण अब इसके लिए आसान पंजीकरण भी है।

उनका कहना है, ‘‘बीस या अधिक कर्मचारियों वाले प्रतिष्ठान ईपीएफ अधिनियम के दायरे में आते हैं। जो कंपनियां एक वर्ष में 19 से 20 कर्मचारियों को स्थानांतरित करती हैं, वे अचानक ईपीएफओ डेटा में 20 नई "नौकरियों" के रूप में दिखाई देंगी, भले ही नई नौकरी में सिर्फ़ एक ही इज़ाफ़ा हुआ हो।’’

कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया, ‘‘बेरोज़गारी की सच्चाई को छिपाने के लिए वे आंकड़ों के साथ चाहे जितनी बाज़ीगरी करें, सच्चाई तो यही है कि आज बेरोज़गारी दर पिछले चार दशकों में सबसे अधिक है।’’

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

(The above story first appeared on LatestLY on Mar 31, 2024 01:18 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).