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जरुरी जानकारी | सरकार ने डीजल, एटीएफ के निर्यात पर अप्रत्याशित लाभ कर में कटौती की, घरेलू कच्चे तेल पर शुल्क बढ़ाया

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. केंद्र सरकार ने डीजल के निर्यात पर लगने वाला अप्रत्याशित लाभ कर घटा दिया और एटीएफ (विमान ईंधन) के निर्यात पर कर खत्म कर दिया है। हालांकि घरेलू स्तर पर उत्पादित कच्चे तेल पर शुल्क बढ़ा दिया गया है।

जरुरी जानकारी | सरकार ने डीजल, एटीएफ के निर्यात पर अप्रत्याशित लाभ कर में कटौती की, घरेलू कच्चे तेल पर शुल्क बढ़ाया

नयी दिल्ली, तीन अगस्त केंद्र सरकार ने डीजल के निर्यात पर लगने वाला अप्रत्याशित लाभ कर घटा दिया और एटीएफ (विमान ईंधन) के निर्यात पर कर खत्म कर दिया है। हालांकि घरेलू स्तर पर उत्पादित कच्चे तेल पर शुल्क बढ़ा दिया गया है।

मंगलवार शाम को जारी एक आधिकारिक अधिसूचना के मुताबिक, डीजल के निर्यात पर कर जहां 11 रुपये से घटाकर पांच रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है, वहीं एटीएफ पर इसे खत्म करने का फैसला लिया गया है। इसी तरह, पेट्रोल के निर्यात पर शून्य कर जारी रहेगा।

अधिसूचना के अनुसार, घरेलू स्तर पर उत्पादित कच्चे तेल पर कर 17,000 रुपये प्रति टन से बढ़ाकर 17,750 रुपये प्रति टन कर दिया गया है। यह कदम ओएनजीसी और वेदांता लिमिटेड जैसे उत्पादकों को प्रभावित कर सकता है।

बीते कुछ हफ्तों में यह दूसरी बार है जब कर में कटौती की गई है। यह कदम ऐसे समय उठाया गया है जब भारत का व्यापार घाटा रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है। एक दिन पहले जारी आंकड़ों में पता चला था कि भारत का व्यापार घाटा जुलाई में बढ़कर रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है। ऐसा जिंसों की ऊंची कीमतों और रुपये में कमजोरी की वजह से आयात महंगा होने से हुआ।

निर्यात की तुलना में अधिक आयात के कारण इस साल जुलाई में व्यापार घाटा तीन गुना होकर 31.02 अरब डॉलर पर पहुंच गया है, जून में यह 26.18 अरब डॉलर था।

जुलाई 2022 में देश का आयात 43.59 प्रतिशत बढ़कर 66.26 अरब डॉलर पर पहुंच गया। एक साल पहले के इसी महीने में यह 46.15 अरब डॉलर था। वहीं, जुलाई 2022 में निर्यात सालाना आधार पर 0.76 प्रतिशत घटकर 35.24 अरब डॉलर रह गया। जुलाई 2021 में देश का वस्तु निर्यात 35.51 अरब डॉलर था।

भारत ने पहली बार एक जुलाई को अप्रत्याशित कर लाभ लगाया था। इसी के साथ वह उन देशों में शामिल हो गया था, जो ऊर्जा कंपनियों के मुनाफे पर कर लगाते हैं। हालांकि, तब से अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में गिरावट आने लगी है, जिससे तेल उत्पादकों और रिफाइनरी, दोनों के मुनाफे में कमी दर्ज की गई है।

सरकार ने एक जुलाई को पेट्रोल और एटीएफ के निर्यात पर छह रुपये प्रति लीटर तथा डीजल के निर्यात पर 13 रुपये प्रति लीटर की दर से कर लगा दिया था।

इसके अलावा कच्चे तेल के घरेलू स्तर पर उत्पादन पर 23,250 रुपये प्रति टन की दर से कर लगाया गया था।

पहले पखवाड़े की समीक्षा के बाद, 20 जुलाई को सरकार ने पेट्रोल के निर्यात पर छह रुपये प्रति लीटर की दर से लागू निर्यात शुल्क को खत्म कर दिया। वहीं डीजल एवं एटीएफ के निर्यात पर लगने वाले कर में दो-दो रुपये की कटौती कर इसे क्रमशः 11 रुपये एवं चार रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है। घरेलू स्तर पर उत्पादित कच्चे तेल पर लगने वाले कर को भी 23,250 रुपये प्रति टन से घटाकर 17,000 रुपये प्रति टन कर दिया गया।

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(The above story first appeared on LatestLY on Aug 03, 2022 01:44 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).