जरुरी जानकारी | सरकार ने फसल वर्ष 2021-22 के लिए गेहूं उत्पादन का अनुमान घटाकर 10.5 करोड़ टन किया

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. सरकार ने जून में समाप्त होने वाले फसल वर्ष 2021-22 के लिए गेहूं उत्पादन के अनुमान को 5.7 प्रतिशत घटाकर 10.5 करोड़ टन कर दिया है। पहले गेहूं उत्पादन 11 करोड़ 13.2 लाख टन रहने का अनुमान लगाया गया था। अनुमान में गिरावट का कारण गर्मी की जल्द शुरुआत होने की वजह से फसल उत्पादकता प्रभावित होना है।

नयी दिल्ली, चार मई सरकार ने जून में समाप्त होने वाले फसल वर्ष 2021-22 के लिए गेहूं उत्पादन के अनुमान को 5.7 प्रतिशत घटाकर 10.5 करोड़ टन कर दिया है। पहले गेहूं उत्पादन 11 करोड़ 13.2 लाख टन रहने का अनुमान लगाया गया था। अनुमान में गिरावट का कारण गर्मी की जल्द शुरुआत होने की वजह से फसल उत्पादकता प्रभावित होना है।

खाद्य सचिव सुधांशु पांडेय ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि कृषि मंत्रालय ने फसल वर्ष 2021-22 के लिए गेहूं उत्पादन अनुमान को संशोधित कर 10.5 करोड़ टन कर दिया है, जो पहले 11.13 करोड़ टन था।

फसल वर्ष 2020-21 (जुलाई-जून) में भारत का गेहूं उत्पादन 10 करोड़ 95.9 लाख टन रहा था।

अनुमानों में कमी के लिए ‘‘गर्मी की जल्द शुरुआत’’ को प्रमुख वजह बताया गया है। हालांकि, पांडेये ने कहा कि गेहूं के निर्यात को नियंत्रित करने का कोई मामला नहीं बनता है।

कई कारणों की वजह से सरकार की गेहूं खरीद विपणन वर्ष 2022-23 (अप्रैल-मार्च) में घटकर 1.95 करोड़ टन रहने की उम्मीद है, जो पिछले वर्ष की तुलना में बहुत कम है। इन कई कारणों में- न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की तुलना में कुछ राज्यों में गेहूं की बाजार कीमत अधिक होना है। इसके अलावा कुछ राज्यों में अनुमान से कम उत्पादन होने की वजह से कीमतों में और अधिक वृद्धि होने की संभावना को देखते हुए किसानों और व्यापारियों द्वारा स्टॉक को बचाकर रखा जा रहा है।

पांडेय ने कहा कि मुफ्त राशन योजना पीएमजीकेएवाई के तहत वितरण के लिए सरकार ने राज्यों को गेहूं के स्थान पर 55 लाख टन अतिरिक्त चावल आवंटित किया है।

केंद्र ने कोरोनो वायरस महामारी के दौरान लोगों की कठिनाइयों को कम करने के अपने प्रयासों के तहत राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के दायरे में आने वाले 80 करोड़ से अधिक लाभार्थियों को मुफ्त खाद्यान्न प्रदान करने के लिए प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (पीएमजीकेएवाई) शुरू की है।

इस योजना के तहत केंद्र प्रति व्यक्ति प्रति माह पांच किलोग्राम खाद्यान्न मुफ्त प्रदान करता है। अतिरिक्त मुफ्त अनाज एनएफएसए के तहत प्रदान किए जाने वाले सामान्य कोटे से इतर 2-3 रुपये प्रति किलोग्राम की अत्यधिक रियायती दर पर दिया जाता है।

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