पंजाब में आबकारी लक्ष्य हासिल नहीं कर पाने का कारण ‘सरकार-ठेकेदार गठजोड़’ जिम्मेदार: बाजवा
मुख्यमंत्री अमरिंदर के पास आबकारी और कराधान सहित अन्य प्रभार हैं।
चंडीगढ़, 12 मई कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य प्रताप सिंह बाजवा ने मंगलवार को दावा किया कि राज्य द्वारा पिछले तीन वर्षों के लिए आबकारी राजस्व लक्ष्य प्राप्त करने में असफल रहने का कारण ‘‘सरकार-ठेकेदार गठजोड़’’ है। बाजवा ने विभाग के कामकाज की एक जांच की मांग की।
मुख्यमंत्री अमरिंदर के पास आबकारी और कराधान सहित अन्य प्रभार हैं।
बाजवा ने कई ट्वीट करके कहा, ‘‘पंजाब का आबकारी विभाग लगातार तीन वर्षों के राजस्व लक्ष्य हासिल करने में असफल रहा। हासिल नहीं किये गए लक्ष्य सरकारी खजाने को हजारों करोड़ रुपये के नुकसान के बराबर है। कैप्टन अमरिंदर जी आबकारी विभाग सीधे आपके नियंत्रण में आता है।’’
बाजवा का यह दावा पंजाब के दो कैबिनेट मंत्रियों मनप्रीत बादल और चरनजीत सिंह चन्नी द्वारा यह कहने के एक दिन बाद आया है कि वे ऐसी किसी भी बैठक में शामिल नहीं होंगे जिसमें राज्य के मुख्य सचिव शामिल होंगे।
बादल और चन्नी ने विचाराधीन आबकारी नीति में शराब दुकान मालिकों को कथित तौर पर किसी भी राहत का विरोध किया है।
पंजाब के मुख्य सचिव की किसी टिप्पणी से नाराज होकर बादल और चन्नी शनिवार को आयोजित बैठक से बाहर चले गए थे।
एक अन्य ट्वीट में बाजवा ने कहा, ‘‘चूंकि पंजाब पिछले शासन द्वारा धन के कुप्रबंधन के कारण एक अनिश्चित वित्तीय स्थिति में है, किसी की भी उम्मीद होगी कि आबकारी राजस्व लक्ष्यों को प्राप्त करने में नम्बर एक प्राथमिकता होगा क्योंकि यह राज्य के लिए धन अर्जित करने वाला है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘इस बात को देखते हुए कि सरकार इन लक्ष्यों को प्राप्त करने में लगातार असफल रही है, एकमात्र जवाब यही हो सकता है कि विभाग में कुछ गलत है। मुझे आशंका है कि सरकार-ठेकेदार के बीच गठजोड़ बन गया है और इसकी तत्काल जांच होनी चाहिए।’’
उन्होंने कहा कि या तो ऐसी कुछ कंपनियां हो सकती हैं जो "करों का भुगतान किये बिना ही अवैध रूप से" शराब की बिक्री कर रही हों या राज्य में ‘‘बिना लाइसेंस वाली डिस्टलरी’’ संचालित हो रही हैं। उन्होंने अपने ट्वीट में कहा कि आबकारी विभाग के कामकाज की एक जांच शुरू की जानी चाहिए।
राज्यसभा सदस्य बाजवा ने साथ ही एक कांग्रेस विधायक द्वारा मुख्य सचिव करन अवतार सिंह के खिलाफ लगाये गए आरोपों की भी जांच की मांग की।
उल्लेखनीय है कि कांग्रेस विधायक अमरिंदर सिंह राजा वारिंग ने सोमवार को आरोप लगाया था कि मुख्य सचिव के पुत्र का एक पंजाब डिस्टीलरी में एक अघोषित व्यापारिक हित है।
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(The above story first appeared on LatestLY on May 12, 2020 11:42 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

