जरुरी जानकारी | सरकार ने रूस के साथ व्यापार को बढ़ावा देने के लिये एसबीआई को अधिकृत किया: फियो

नयी दिल्ली, 14 सितंबर भारतीय निर्यात संगठनों के महासंघ (फियो) ने बुधवार को कहा कि केंद्र ने रूस के साथ रुपये में व्यापार को बढ़ावा देने के लिये देश के सबसे बड़े ऋणदाता भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) को अधिकृत किया है। जल्द ही इस व्यवस्था को अमल में लाने के लिये रूस अपने बैंक का नाम बताएगा।

उल्लेखनीय है कि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने जुलाई में परिपत्र जारी कर बैंकों को भारतीय रुपये में निर्यात और आयात लेनदेन को लेकर अतिरिक्त व्यवस्था करने के लिए कहा था।

रूस-यूक्रेन युद्ध के कारण अमेरिका और यूरोप के प्रतिबंधों की वजह से कारण भारत और रूस के बीच द्विपक्षीय व्यापार का एक बड़ा हिस्सा रुपये में हो रहा है।

फियो के अध्यक्ष ए शक्तिवेल ने कहा कि एसबीआई के पास रुपये में व्यापार को सुगम बनाने के पर्याप्त साधन है। लेकिन रूस को अभी बैंक की पहचान करनी है।

उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘‘मंगलवार को वाणिज्य सचिव (बीवीआर सुब्रमण्यम) ने हमें बताया कि रूस सरकार जल्दी ही बैंक का नाम बताएगी...रुपये में रूस के साथ व्यापार होगा।’’

शक्तिवेल कहा कि रूस बैंक का नाम 15 दिन में बता सकता है।

उन्होंने कहा, ‘‘एसबीआई को पहले ही अधिकृत किया जा चुका है। हमारी ईरान के साथ रुपये में भुगतान की व्यवस्था है...एसबीआई बड़ा बैंक जो निर्यातकों की जरूरतों को पूरा कर सकता है।’’

शक्तिवेल ने सेवा क्षेत्र के निर्यात को गति देने को लेकर यात्रा और पर्यटन जैसे क्षेत्रों के लिये एसईआईएस (भारत से सेवा निर्यात योजना) जैसी योजना पर विचार किये जाने की भी आवश्यकता बतायी।

शक्तिवेल ने कहा, ‘‘रूस-यूक्रेन युद्ध का कच्चे तेल और खाने के सामान के दाम पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। इससे वैश्विक व्यापार के समक्ष चुनौतियां उत्पन्न हुई हैं। इसको देखते हुए सेवा निर्यात को गति देने की जरूरत है। इससे व्यापार घाटा और चालू खाते के घाटे (कैड) के मोर्चे पर राहत मिलेगी।’’

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