देश की खबरें | गोपाल राय ने ‘स्मॉग टावर’ परियोजना रोकने वाले अधिकारी को निलंबित करने की मांग की
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने शनिवार को मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को पत्र लिखकर वायु प्रदूषण कम करने के उद्देश्य से दो साल पहले कनॉट प्लेस में लगाये गए एक बड़े ‘स्मॉग टावर’ के संचालन को "मनमाने ढंग से रोकने" को लेकर दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण कमेटी (डीपीसीसी) के अध्यक्ष अश्विनी कुमार को निलंबित करने की मांग की।
नयी दिल्ली, चार नवंबर दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने शनिवार को मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को पत्र लिखकर वायु प्रदूषण कम करने के उद्देश्य से दो साल पहले कनॉट प्लेस में लगाये गए एक बड़े ‘स्मॉग टावर’ के संचालन को "मनमाने ढंग से रोकने" को लेकर दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण कमेटी (डीपीसीसी) के अध्यक्ष अश्विनी कुमार को निलंबित करने की मांग की।
केजरीवाल को लिखे पत्र में, राय ने परियोजना प्रभारी अनवर अली के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की भी मांग की। मंत्री ने अली पर कुमार के दबाव में स्मॉग टावर की प्रभावशीलता पर अपना रुख बदलने का आरोप लगाया।
राय ने उल्लेख किया कि उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के बाद दिल्ली में दो स्मॉग टावर लगाये गए - डीपीसीसी के तहत कनॉट प्लेस में और केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के तहत आनंद विहार में।
दिसंबर में डीपीसीसी अध्यक्ष का कार्यभार संभालने वाले कुमार ने सरकार को सूचित किए बिना आईआईटी-मुंबई और परियोजना पर काम कर रही अन्य एजेंसियों को धन जारी करना रोक दिया, जिसे राय ने अदालत की अवमानना माना।
राय ने पत्र में लिखा, ‘‘मैं माननीय उच्चतम न्यायालय के निर्देशों की अवमानना करने, मंत्रिपरिषद के फैसले को लागू नहीं करने, मनमाने ढंग से संचालन और रखरखाव भुगतान रोकने, अध्ययन के गुण-दोष के आधार पर निर्णय लेने और उन्हें कैबिनेट के समक्ष प्रस्तुत करने में विफल रहने तथा मानसून के महीनों के बाद स्मॉग टावर को फिर शुरू नहीं करने के लिए डीपीसीसी अध्यक्ष अश्विनी कुमार के खिलाफ निलंबन और अनुशासनात्मक कार्रवाई का प्रस्ताव करना चाहता हूं।’’
उन्होंने पत्र में लिखा है कि इन कारणों से ऐसे समय में स्वच्छ वायु क्षेत्र बनाने में बाधा उत्पन्न हुई, जब प्रदूषण का स्तर बढ़ने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री केजरीवाल ने 23 अगस्त, 2021 को कनॉट प्लेस में 24 मीटर से अधिक ऊंचे स्मॉग टावर का उद्घाटन किया था। दिल्ली सरकार ने इसके प्रभाव का दो साल के लिए अध्ययन करने के लिए भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, मुंबई के विशेषज्ञों की एक टीम का गठन किया था।
स्मॉग टावर के आंकड़े साझा करते हुए, राय ने पिछले साल कहा था कि यह विशाल यंत्र 50 मीटर के दायरे में वायु प्रदूषण को 70 से 80 प्रतिशत और 300 मीटर के दायरे में 15 से 20 प्रतिशत तक कम कर सकता है।
अधिकारियों ने पहले कहा था कि 20 करोड़ रुपये की लागत से लगाया गया स्मॉग टावर, लगभग 1,000 घन मीटर प्रति सेकंड की दर से एक किलोमीटर के दायरे में हवा को स्वच्छ कर सकता है।
अक्टूबर में, राय ने आरोप लगाया कि राष्ट्रीय राजधानी में प्रदूषण स्रोतों को निर्धारित करने के लिए दिल्ली सरकार का अपनी तरह का पहला अध्ययन कुमार के आदेश पर एकतरफा रोक दिया गया था।
दिल्ली कैबिनेट ने जुलाई 2021 में अध्ययन प्रस्ताव को मंजूरी दी थी और अक्टूबर 2022 में आईआईटी-कानपुर के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए थे।
दिल्ली सरकार ने आवश्यक उपकरणों की खरीद और डेटा संग्रह के लिए एक केंद्रीकृत सुपरसाइट स्थापित करने के लिए आईआईटी-कानपुर को 10 करोड़ रुपये जारी किए थे। अनुमानित लागत 12 करोड़ रुपये से अधिक थी।
राय ने दावा किया कि फरवरी में, कुमार ने आईआईटी-कानपुर के वैज्ञानिकों के साथ कई बैठकों के बाद "अध्ययन से जुड़े पर्याप्त खर्च" के बारे में चिंता व्यक्त करते हुए एक फाइल नोट तैयार किया। उन्होंने कहा कि 18 अक्टूबर को, कुमार ने आईआईटी-कानपुर को शेष धनराशि जारी करने से रोकने के आदेश जारी किए, जिससे अध्ययन रद्द हो गया।
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