जरुरी जानकारी | इजराइल-ईरान तनाव कम होने से सोना 930 रुपये टूटा, चांदी भी फिसली
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. पश्चिम एशिया में तनाव कम होने और अमेरिका और चीन के बीच व्यापार समझौते की अनुकूल खबरों के बीच कारोबारियों की बिकवाली से शुक्रवार को राष्ट्रीय राजधानी में सोने की कीमत 930 रुपये टूटकर 97,670 रुपये प्रति 10 ग्राम पर रही।
नयी दिल्ली, 27 जून पश्चिम एशिया में तनाव कम होने और अमेरिका और चीन के बीच व्यापार समझौते की अनुकूल खबरों के बीच कारोबारियों की बिकवाली से शुक्रवार को राष्ट्रीय राजधानी में सोने की कीमत 930 रुपये टूटकर 97,670 रुपये प्रति 10 ग्राम पर रही।
अखिल भारतीय सर्राफा संघ के अनुसार, 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाले सोने का भाव बृहस्पतिवार को 98,600 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था।
शुक्रवार को 99.5 प्रतिशत शुद्धता वाले सोने का भाव 850 रुपये घटकर 97,200 रुपये प्रति 10 ग्राम (सभी करों सहित) रह गया। पिछले कारोबारी सत्र में यह 98,050 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था।
अबांस फाइनेंशियल सर्विसेज के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) चिंतन मेहता ने कहा, “सोने की कीमतों में गिरावट जारी है क्योंकि मजबूत मुनाफावसूली हो रही है तथा नए भू-राजनीतिक कारणों के अभाव में सुरक्षित निवेश की मांग कम हो रही है।”
उन्होंने कहा, “प्रमुख तेल अवसंरचना और परिवहन मार्गों, विशेष रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य पर हमले को लेकर ईरान के संयम बरतने के संकेत के बाद कच्चे तेल की कीमतों में भी गिरावट आई है।”
मेहता ने कहा कि इस गिरावट ने बाजारों में जोखिम को कम कर दिया है, जिससे सोने पर और दबाव पड़ा है।
इसके अलावा, शुक्रवार को चांदी की कीमत 100 रुपये की गिरावट के साथ 1,03,000 रुपये प्रति किलोग्राम (सभी करों सहित) पर रही। बृहस्पतिवार को चांदी 1,03,100 रुपये प्रति किलोग्राम पर रही थी।
विदेशी बाजार में हाजिर सोना 43.45 डॉलर गिरकर 3,284.40 डॉलर प्रति औंस पर आ गया।
आनंद राठी शेयर्स एंड स्टॉक ब्रोकर्स के क्षेत्रीय उपाध्यक्ष (जिंस एवं मुद्रा) मनीष शर्मा ने कहा, “निवेशकों को अब फेडरल रिजर्व की ब्याज दर में कटौती के बारे में आगे के संकेतों के लिए अमेरिकी व्यक्तिगत उपभोग व्यय (पीसीई) मूल्य सूचकांक आंकड़ा जारी होने का इंतजार है।”
एलकेपी सिक्योरिटीज के उपाध्यक्ष- शोध विश्लेषक (जिंस एवं मुद्रा) जतीन त्रिवेदी के अनुसार, अमेरिकी फेडरल रिजर्व के चेयरमैन जेरोम पॉवेल की हाल की टिप्पणियों से संकेत मिलता है कि ब्याज दर में कटौती निकट भविष्य में नहीं होने वाली है, जिससे सर्राफा कीमतों पर और दबाव पड़ा है।
त्रिवेदी ने कहा कि कमजोर डॉलर सूचकांक ने वैश्विक जोखिम में कमी की पुष्टि की है। इससे निवेशक इक्विटी और क्रिप्टोकरेंसी जैसी जोखिमपूर्ण परिसंपत्तियों में पैसा लगाने के लिए प्रेरित हुए हैं।
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(The above story first appeared on LatestLY on Jun 27, 2025 07:08 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

