देश की खबरें | गोवा भाजपा के खतरनाक प्रयोगों के लिए प्रयोगशाला नहीं है: कांग्रेस

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. गोवा में परमाणु ऊर्जा संयंत्र स्थापित किए जाने के केंद्र के सुझाव पर विपक्षी दलों ने आपत्ति जताई है। कांग्रेस ने कहा है कि तटीय राज्य ‘भाजपा के खतरनाक प्रयोगों के लिए प्रयोगशाला नहीं है।’

पणजी, 13 मई गोवा में परमाणु ऊर्जा संयंत्र स्थापित किए जाने के केंद्र के सुझाव पर विपक्षी दलों ने आपत्ति जताई है। कांग्रेस ने कहा है कि तटीय राज्य ‘भाजपा के खतरनाक प्रयोगों के लिए प्रयोगशाला नहीं है।’

केंद्रीय विद्युत, आवास एवं शहरी मामलों के मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने सोमवार को कहा कि केंद्र सरकार ने सुझाव दिया है कि राज्य अपने-अपने क्षेत्रों में परमाणु ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने की व्यवहार्यता की जांच करें और प्रस्ताव भेजें।

पत्रकारों से बात करते हुए खट्टर ने कहा कि उन्होंने गोवा में शहरी विकास और बिजली क्षेत्र की समीक्षा बैठक में परमाणु ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने की संभावना पर चर्चा की थी।

गोवा प्रदेश कांग्रेस समिति (जीपीसीसी) के अध्यक्ष अमित पाटकर ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘भाजपा के खतरनाक प्रयोगों के लिए गोवा कोई प्रयोगशाला नहीं है। मैं हमारे शांतिपूर्ण, पर्यावरण के प्रति संवेदनशील राज्य गोवा में परमाणु ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने के एम.एल. खट्टर के बेतुके प्रस्ताव की कड़ी निंदा करता हूं।’’

उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार पहले ही गोवा की पहाड़ियों, जंगलों, कृषि और नदियों को तबाह कर चुकी है और अब वह परमाणु खतरे से लोगों की जान जोखिम में डालना चाहती है।

पाटकर ने लिखा, ‘‘हम इस गोवा विरोधी एजेंडे का पूरी ताकत से विरोध करेंगे। हमारी भूमि, आजीविका और पर्यावरण पर कोई समझौता नहीं किया जा सकता।’’

आम आदमी पार्टी (आप) की राज्य इकाई के अध्यक्ष अमित पालेकर ने सवाल उठाया कि जब कारवाड़ (कर्नाटक) के कैगा में परमाणु संयंत्र है तो गोवा में परमाणु संयंत्र की क्या जरूरत है?

उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार गोवा को बर्बाद करना चाहती हैं।

उन्होंने लिखा, ‘‘अगर इस तरह का कोई दुस्साहस करने की कोशिश की गई तो आप पूरी ताकत से लड़ेगी। गोवा की लाखों वर्ग मीटर जमीन निजी विश्वविद्यालयों आदि को दे दी गई है, यह सब भाजपा पदाधिकारियों के हित में है और अब गोवा में जो कुछ भी बचा है, उसे ऐसी परियोजनाओं के साथ नष्ट करने की कोशिश की जा रही है। इसमें किसका हित है?’’

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