देश की खबरें | म्हादेई वन्यजीव अभयारण्य को बाघ अभयारण्य अधिसूचित करे गोवा सरकार: बंबई उच्च न्यायालय
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पणजी, 24 जुलाई बंबई उच्च न्यायालय की गोवा पीठ ने सोमवार को राज्य सरकार को म्हादेई वन्यजीव अभयारण्य को बाघ अभयारण्य के रूप में अधिसूचित करने और तीन महीने के भीतर अधिसूचना जारी करने का निर्देश दिया।
गोवा के एक स्थानीय गैर-सरकारी संगठन (एनजीओ) 'गोवा फाउंडेशन' ने राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) के अनुरोध के मुताबिक राज्य के बाघ अभयारण्यों को अधिसूचित करने के लिए गोवा सरकार को निर्देश देने की मांग करते हुए एक जनहित याचिका (पीआईएल) दायर की थी।
राज्य के महाधिवक्ता देवीदास पंगम ने संवाददाताओं से कहा कि अदालत ने एक आदेश पारित कर राज्य सरकार को तीन महीने के भीतर म्हादेई वन्यजीव अभयारण्य को बाघ अभयारण्य के रूप में अधिसूचित करने का निर्देश दिया है।
राज्य के महाधिवक्ता देवीदास पंगम के मुताबिक, अदालत ने अपने आदेश में अभयारण्य में शिकार रोधी शिविर स्थापित करने को भी कहा है।
उन्होंने कहा कि वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के प्रावधानों को लागू करने के उद्देश्य से अन्य निर्देश भी जारी किए गए हैं।
गोवा सरकार ने म्हादेई वन्यजीव अभयारण्य को बाघ अभयारण्य घोषित करने की संभावना से पूर्व में इनकार कर दिया था।
कई गैर सरकारी संगठनों ने इस निर्णय की निंदा की थी और दावा किया था कि अभयारण्य को बाघ अभयारण्य घोषित करने से कर्नाटक को म्हादेई नदी से पानी का प्रवाह मोड़ने से रोका जा सकेगा।
राज्य में विपक्ष के नेता यूरी अलेमाओ ने इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि उच्च न्यायालय के आदेश का व्यापक असर पड़ेगा।
उन्होंने कहा, ‘‘यह राज्य सरकार या केंद्र नहीं है, बल्कि अदालत है जिसने हमारे वन्यजीवों और म्हादेई नदी की रक्षा की है।’’
म्हादेई वन्यजीव अभयारण्य कर्नाटक से लगा हुआ है और करीब 208 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैला हुआ है।
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