जरुरी जानकारी | उत्सर्जन चुनौतियों को कम करने में वैश्विक सौर ऊर्जा ग्रिड मददगार होगा: प्रधानमंत्री मोदी

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नवीकरणीय ऊर्जा के महत्व को लेकर जागरूकता उत्पन्न करने में भारत के योगदान की मंगलवार को सराहना की और ‘एक सूर्य, एक विश्व, एक ग्रिड’ का नारा दिया।

नयी दिल्ली, 15 अगस्त प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नवीकरणीय ऊर्जा के महत्व को लेकर जागरूकता उत्पन्न करने में भारत के योगदान की मंगलवार को सराहना की और ‘एक सूर्य, एक विश्व, एक ग्रिड’ का नारा दिया।

भारत के 77वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लाल किले की प्राचीर से देशवासियों को संबोधित करते हुए मोदी ने सौर ऊर्जा आपूर्ति को सीमा पार से जोड़ने का आह्वान किया।

मोदी ने कहा, ‘‘ हमने दर्शन पेश किया और दुनिया अब उनके आधार पर भारत के साथ जुड़ रही है। नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र के लिए हमने ‘एक सूर्य, एक विश्व, एक ग्रिड’ की परिकल्पना दी। कोविड-19 (वैश्विक महामारी) के बाद हमने दुनिया को बताया कि हमारा दृष्टिकोण ‘एक पृथ्वी, एक स्वास्थ्य’ का होना चाहिए।’’

‘एक सूर्य, एक विश्व, एक ग्रिड’ (ओएसओडब्ल्यूओजी) पहल का विचार मोदी ने अक्टूबर 2018 में अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन (आईएसए) की पहली सभा में रखा था।

मई 2021 में ब्रिटेन और भारत ग्रीन ग्रिड पहल (जीजीआई) तथा ‘एक सूर्य, एक विश्व, एक ग्रिड’ पहल को साथ लाने पर सहमत हुए। नवंबर 2021 में ग्लासगो में ब्रिटेन द्वारा आयोजित सीओपी26 शिखर सम्मेलन में संयुक्त रूप से जीजीआई-ओएसओडब्ल्यूओजी को जारी किया।

मोदी ने कहा, ‘‘ हमने मिशन ‘लाइफ-लाइफस्टाइल फॉर द एनवायरनमेंट’ जारी किया और जलवायु परिवर्तन से निपटने का मार्ग प्रशस्त किया। अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन बनाया और कई देश इसका हिस्सा बने हैं।’’

अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन (आईएसए) अपने सदस्य देशों में ऊर्जा पहुंच बनाने, ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने और ऊर्जा क्षेत्र में बदलाव के साधन के रूप में सौर ऊर्जा प्रौद्योगिकियों की पैठ स्थापित करने वाला एक कार्य-उन्मुख, सदस्य-संचालित, सहयोगी मंच है।

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