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जरुरी जानकारी | खाद्यतेल की वैश्विक कमी और त्यौहारी मांग बढ़ने से दिल्ली में तेल तिलहन के भाव में सुधर

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. देश-विदेश में तिलहन स्टॉक की भारी कमी होने तथा त्यौहारी मांग के बढ़ने से स्थानीय तेल तिलहन बाजार में बृहस्पतिवार को सरसों तेल सहित लगभग सभी तेल तिलहन कीमतों में सुधार का रुख रहा। हल्के तेलों की वैश्विक मांग बढ़ने के बीच सूरजमुखी तेल का भाव 1,485 डॉलर प्रति टन से बढ़कर रिकॉर्ड 1,555 डॉलर प्रति टन की ऊंचाई को छू गया।

जरुरी जानकारी | खाद्यतेल की वैश्विक कमी और त्यौहारी मांग बढ़ने से दिल्ली में तेल तिलहन के भाव में सुधर

नयी दिल्ली, 25 फरवरी देश-विदेश में तिलहन स्टॉक की भारी कमी होने तथा त्यौहारी मांग के बढ़ने से स्थानीय तेल तिलहन बाजार में बृहस्पतिवार को सरसों तेल सहित लगभग सभी तेल तिलहन कीमतों में सुधार का रुख रहा। हल्के तेलों की वैश्विक मांग बढ़ने के बीच सूरजमुखी तेल का भाव 1,485 डॉलर प्रति टन से बढ़कर रिकॉर्ड 1,555 डॉलर प्रति टन की ऊंचाई को छू गया।

बाजार के जानकार सूत्रों के अनुसार दुनियाभर में तिलहन के स्टॉक की तंगी महसूस की जा रही है और पाइपलाइन बिल्कुल खाली है। वैश्विक स्तर पर हल्के तेलों की मांग में काफी इजाफा हुआ है जिसकी वजह से दिल्ली में सूरजमुखी तेल का भाव 170 रुपये किलो की रिकॉर्ड ऊंचाई पर जा पहुंचा है।

उन्होंने कहा कि सूरजमुखी तेल का भाव रिकार्ड ऊंचाई छूने के कारण सोयाबीन रिफाइंड और पामोलीन सहित अन्य तेलों के भाव भी चढ़ गये।

सोयाबीन की निर्यात के साथ साथ स्थानीय मांग भी काफी है जबकि मध्य प्रदेश में फसल काफी हल्की रही है। सोयाबीन खली (तेल रहित खल-डीओसी) की स्थानीय के साथ साथ भारी निर्यात मांग है। पाल्ट्री के चारे के रूप सोयाबीन खली (डीओसी) की मांग होने के बीच मध्य प्रदेश में सोयाबीन के अधिकांश मात्रा में फसल का नुकसान हुआ है और इनके दागी सोयाबीन का निर्यात नहीं हो रहा। आगामी बिजाई के समय सोयाबीन के अच्छे बीज की मांग बढ़ेगी और इस बीच डीओसी की निर्यात मांग को पूरा करने के लिए काफी जद्दोजहद करनी पड़ रही है। अधिक मात्रा में सोयाबीन की फसल खराब होने के कारण किसानों ने इसकी कटाई भी नहीं की और मंडियों में आपूर्ति कम हो रही है।

कल रात शिकागो एक्सचेंज में लगभग चार प्रतिशत की तेजी रहने से भी यहां सोयाबीन तेल तिलहन कीमतों पर अनुकूल असर हुआ।

मलेशिया एक्सचेंज में तीन प्रतिशत की तेजी होने से स्थानीय मंडियों में पाम और पामोलीन कीमतों में पर्याप्त सुधार आया।

निर्यात और घरेलू खपत की मांग बढ़ने से मूंगफली तेल तिलहन कीमतों में सुधार देखने को मिला। जबकि मूंगफली तेल के महंगा होने की वजह से त्यौहारी मौसम के दौरान बिनौला तेल की मांग बढ़ गयी जिससे इसके तेल कीमत में भी सुधार आया।

बाजार में थोक भाव इस प्रकार रहे- (भाव- रुपये प्रति क्विंटल)

सरसों तिलहन - 6,395 - 6,445 (42 प्रतिशत कंडीशन का भाव) रुपये।

मूंगफली दाना - 6,060- 6,125 रुपये।

मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात)- 15,000 रुपये।

मूंगफली साल्वेंट रिफाइंड तेल 2,395 - 2,455 रुपये प्रति टिन।

सरसों तेल दादरी- 13,300 रुपये प्रति क्विंटल।

सरसों पक्की घानी- 2,000 -2,150 रुपये प्रति टिन।

सरसों कच्ची घानी- 2,130 - 2,245 रुपये प्रति टिन।

तिल तेल मिल डिलिवरी - 13,500 - 16,500 रुपये।

सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली- 12,900 रुपये।

सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर- 12,800 रुपये।

सोयाबीन तेल डीगम, कांडला- 11,650 रुपये।

सीपीओ एक्स-कांडला- 10,750 रुपये।

बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)- 11,500 रुपये।

पामोलिन आरबीडी, दिल्ली- 12,600 रुपये।

पामोलिन कांडला 11,600 (बिना जीएसटी के)

सोयाबीन तिलहन मिल डिलिवरी 5,200 - 5,250 रुपये,

लूज में 5,050- 5,100 रुपये

मक्का खल (सरिस्का) 3,525 रुपये

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(The above story first appeared on LatestLY on Feb 25, 2021 10:13 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).