देश की खबरें | वैश्विक मानवाधिकार समुदाय, अन्य ने कश्मीरी कार्यकर्ता की गिरफ्तारी की निंदा की, रिहाई का आह्वान किया
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. वैश्विक मानवाधिकार समुदाय समेत अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने कश्मीर के मानवाधिकार कार्यकर्ता खुर्रम परवेज की गिरफ्तारी की निंदा करते हुए उनकी रिहाई की मांग की और कहा कि वह कोई आतंकवादी नहीं हैं। संगठनों ने परवेज की तत्काल रिहाई की मांग उठायी है।
नयी दिल्ली, 23 नवंबर वैश्विक मानवाधिकार समुदाय समेत अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने कश्मीर के मानवाधिकार कार्यकर्ता खुर्रम परवेज की गिरफ्तारी की निंदा करते हुए उनकी रिहाई की मांग की और कहा कि वह कोई आतंकवादी नहीं हैं। संगठनों ने परवेज की तत्काल रिहाई की मांग उठायी है।
अधिकारियों के मुताबिक, राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) ने आतंकियों के वित्तपोषण मामले में सोमवार को श्रीनगर में छापेमारी कर ‘जम्मू कश्मीर कोलिशन ऑफ सिविल सोसाइटी’ के समन्वयक खुर्रम परवेज को शहर में उनके सोनावर आवास पर छापेमारी के दौरान हिरासत में लिया और फिर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।
एमनेस्टी इंटरनेशनल, वर्ल्ड ऑर्गनाइजेशन अगेंस्ट टॉर्चर (ओएमसीटी), रॉबर्ट एफ कैनेडी मानवाधिकार समूह के साथ-साथ भारत में अधिकार कार्यकर्ताओं ने 42 वर्षीय परवेज को गिरफ्तार करने के कदम की आलोचना की और उन्हें एक ''मानवाधिकार रक्षक'' करार दिया।
मानवाधिकार रक्षकों के मामले में संयुक्त राष्ट्र की विशेष प्रतिवेदक मैरी लॉलर ने कहा, '' मैं खुर्रम परेवज की गिरफ्तारी की परेशान करने वाली एक खबर सुन रही हूं और भारत में उन पर आतंकवाद-संबंधी अपराध के तहत आरोप लगाए जाने का खतरा है। वह आतंकवादी नहीं है, वह एक मानवाधिकार रक्षक है।''
मानवाधिकारों के लिए लड़ने वाली जिनेवा की ओएमसीटी ने कहा कि वह हिरासत में खुर्रम को प्रताड़ित किए जाने को लेकर बेहद चिंतित है। संगठन ने परवेज की तत्काल रिहाई की मांग उठायी।
अधिकारियों ने बताया कि परवेज से श्रीनगर में पूछताछ की जा रही है और उन्हें दिल्ली लाया जा सकता है।
उन्होंने बताया कि पिछले साल 28 अक्टूबर को एनआईए ने कुछ तथाकथित गैर सरकारी संगठनों और ट्रस्टों द्वारा धर्मार्थ गतिविधियों के नाम पर भारत तथा विदेश में धन जुटाने और फिर उन पैसों का इस्तेमाल जम्मू कश्मीर में अलगाववादी गतिविधियों को अंजाम देने के मामले में घाटी में परवेज के आवास सहित 10 स्थानों और बेंगलुरु में एक स्थान की तलाशी ली थी।
एमनेस्टी इंटरनेशनल ने ट्वीट कर कहा, '' कश्मीरी कार्यकर्ता खुर्रम परवेज की गिरफ्तारी इस बात का एक और उदाहरण है कि किस तरह से भारत में मानवाधिकार संबंधी कामों और असहमति को दबाने के लिए आतंकवाद विरोधी कानूनों का दुरुपयोग किया जा रहा है।''
रॉबर्ट एफ कैनेडी मानवाधिकार समूह के अध्यक्ष कैरी केनेडी ने एक बयान में तत्काल परवेज को रिहा करने की मांग की और मानवाधिकार रक्षकों की आवाज दबाने के प्रयास कर आरोप लगाया।
मशहूर सामाजिक कार्यकर्ता योगेंद्र यादव और कविता श्रीवास्तव ने आश्चर्य जताया कि क्या मानवाधिकारों के लिए काम करना एक ''अपराध'' है। उन्होंने परवेज की गिरफ्तारी को ''शर्म का विषय'' करार दिया।
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