देश की खबरें | गाज़ीपुर बूचड़खाना पर्यावरण संबंधी नियमों का उल्लंघन करने के कारण बंद किया गया

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. दिल्ली के गाज़ीपुर में स्थित राष्ट्रीय राजधानी के एकमात्र बूचड़खाने को पर्यावरण संबंधी नियमों का कथित रूप से पालन नहीं करने की वजह से बंद कर दिया गया है। व्यापारियों को डर है कि इससे शहर में मांस की कमी हो सकती है जिससे उसके दाम बढ़ जाएंगे।

नयी दिल्ली, दो जून दिल्ली के गाज़ीपुर में स्थित राष्ट्रीय राजधानी के एकमात्र बूचड़खाने को पर्यावरण संबंधी नियमों का कथित रूप से पालन नहीं करने की वजह से बंद कर दिया गया है। व्यापारियों को डर है कि इससे शहर में मांस की कमी हो सकती है जिससे उसके दाम बढ़ जाएंगे।

दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) के अधिकारियों के मुताबिक, राष्ट्रीय हरित अधिकरण के निर्देशों के बाद दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) के निर्देश पर 30 मई को बूचड़खाने को बंद कर दिया गया।

पूर्वी दिल्ली में स्थित गाज़ीपुर बूचड़खाना शहर के एक बड़े हिस्से की मांस की जरूरतों को पूरा करता है।

निगम के एक अधिकारी ने बताया कि डीपीसीसी से 30 मई को एक पत्र मिला था जिसमें कहा गया था कि पर्यावरण नियमों का उल्लंघन करने की वजह से वह बूचड़खाना के संचालन के लिए दी गई अपनी सहमति वापस ले रहा है।

अधिकारी ने कहा, “ यह तब से बंद है। मामला डीपीसीसी और एनजीटी के बीच का है और हम इस मामले में और कोई टिप्पणी नहीं कर पाएंगे।”

मशीनीकृत बूचड़खाने ने 2009 में काम करना शुरू किया था जहां रोज़ाना करीब 1500 भैंसे और तकरीबन 13500 भेड़ और बकरों का वध किया जा सकता है।

मांस व्यापारियों को आशंका है कि बूचड़खाने के बंद होने से शहर में गोश्त की कमी हो सकती है और अवैध वध को बढ़ावा मिलेगा।

उन्होंने कहा कि बुधवार तक मांस की कमी की कोई सूचना नहीं थी।

दिल्ली मांस व्यापारी संघ के प्रमुख अरशद अली कुरैशी ने बताया कि अगर बूचड़खाना अगले कुछ दिनों में नहीं खुला तो शहर में मांस की कमी हो सकती है और इसकी कीमत में भी वृद्धि हो सकती है।

कुरैशी ने पीटीआई- से कहा, “ बूचड़खाने के बंद होने के नतीजे आने वाले दिनों में जरूर दिखेंगे। इससे बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए पशुओं के अवैध वध को भी बढ़ावा मिलेगा।”

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