जरुरी जानकारी | गौतम अदाणी की रियल एस्टेट कारोबार की संपत्तियां सात प्रतिशत घटकर 52,320 करोड़ रुपये पर : रिपोर्ट

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. गौतम अदाणी की रियल एस्टेट कारोबार की संपत्तियां जून, 2025 तक सालाना आधार पर सात प्रतिशत घटकर 52,320 करोड़ रुपये रह गई हैं। इससे वह इस क्षेत्र के सबसे धनी लोगों की सूची में तीसरे स्थान पर आ गए। एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई।

मुंबई, 31 जुलाई गौतम अदाणी की रियल एस्टेट कारोबार की संपत्तियां जून, 2025 तक सालाना आधार पर सात प्रतिशत घटकर 52,320 करोड़ रुपये रह गई हैं। इससे वह इस क्षेत्र के सबसे धनी लोगों की सूची में तीसरे स्थान पर आ गए। एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई।

हुरुन रिसर्च और ग्रोहे के अधिकारियों ने अनौपचारिक चर्चाओं का हवाला देते हुए कहा कि अदाणी अगले पांच वर्ष में रियल एस्टेट क्षेत्र के सबसे धनी व्यक्ति बन सकते हैं। वह वित्तीय राजधानी में धारावी और मोतीलाल नगर पुनर्विकास जैसी परियोजनाओं पर काम कर रहे हैं।

डीएलएफ के राजीव सिंह 1.27 लाख करोड़ रुपये की संपत्ति के साथ ग्रोहे-हुरुन इंडिया रियल एस्टेट की 150 लोगों की सूची में शीर्ष पर हैं। उनके बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेता एवं महाराष्ट्र के मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा 92,340 करोड़ रुपये की संपत्ति के साथ दूसरे स्थान पर हैं।

रिपोर्ट के अनुसार, डीएलएफ के सिंह की संपत्ति वर्ष के दौरान तीन प्रतिशत बढ़ी, जबकि लोढ़ा की संपत्ति में मात्र एक प्रतिशत की वृद्धि हुई।

हुरुन इंडिया के मुख्य शोधकर्ता एवं संस्थापक अनस रहमान जुनैद ने पत्रकारों से कहा, ‘‘ अदाणी बहुत महत्वाकांक्षी हैं। उनकी महत्वाकांक्षा अगले पांच वर्ष में डीएलएफ से आगे निकलकर शीर्ष पर पहुंचने की है।’’

भारत में ग्रोहे की प्रमुख प्रिया रुस्तोगी ने भी इस बात पर सहमति जताई।

रहमान ने कहा कि अदाणी रियल्टी पूरी तरह से अदाणी परिवार के स्वामित्व में है। पहले से ही सबसे मूल्यवान गैर-सूचीबद्ध रियल एस्टेट कंपनी है। शोधकर्ता पूरे क्षेत्र में संपत्ति का आकलन करने के लिए वैज्ञानिक तरीके का इस्तेमाल करते हैं।

दीपक पारेख के नेतृत्व वाली श्लॉस बेंगलूर 13,600 करोड़ रुपये के मूल्यांकन के साथ सूची में सबसे युवा कंपनी है। इसने छह वर्ष के भीतर यह मूल्यांकन हासिल किया है। 1871 में स्थापित पेनिनसुला लैंड 1,000 करोड़ रुपये के मूल्यांकन के साथ सबसे पुरानी कंपनी है।

इस सूची में शामिल 150 कंपनियों में से केवल 33 का नेतृत्व पेशेवर मुख्य कार्यपालक अधिकारी कर रहे हैं। केवल चार कंपनियां ऐसी हैं जिनका नेतृत्व महिलाएं कर रही हैं।

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