जरुरी जानकारी | गौतम अडाणी ने मॉरीशस के कोषों से संबंधित ‘असमंजस’ को दूर करने का प्रयास किया
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नयी दिल्ली, 12 जुलाई अडाणी समूह के प्रमुख गौतम अडाणी ने सोमवार को मॉरीशस के कोषों से संबंधित असमंजस को दूर करने का प्रयास किया।
उन्होंने कहा इस मामले में ‘घुमाफिरा कर जो कहानी’ बनाई जा रही है उससे लगता है कि कंपनियों के पास अपने शेयरधारकों के उपर कुछ नियामकीय अधिकार होते हैं और वे उन्हें सूचना देने को मजबूर कर सकती हैं।
पिछले महीने इस तरह की खबरें आई थीं कि अडाणी समूह की कंपनियों में निवेश करने वाली मॉरीशस के छह कोषों में से तीन के खातों को राष्ट्रीय शेयर डिपॉजिटरी (एनएसडीएल) ने फ्रीज कर दिया है। इन कोषों ने अपना ज्यादातर पैसा अडाणी समूह की कंपनियों में लगाया है। इन खबरों के बार बंदरगाह से लेकर ऊर्जा क्षेत्र में कार्यरत अडाणी समूह की कंपनियों के शेयरों में भारी गिरावट आई थी।
हालांकि, अडाणी समूह ने इन खबरों का खंडन किया था, लेकिन इसके बावजूद एक सप्ताह तक समूह की कंपनियों के शेयर नीचे आए।
अडाणी (59) ने सोमवार को समूह की सूचीबद्ध कंपनियों के शेयरधारकों की वार्षिक आमसभा को संबोधित करते हुए कहा,‘‘हम पीढ़ियों से शेयरधारक हैं।’’ निवेश को देखने के सिद्धान्त का जिक्र करते हुए अडाणी ने कहा कि समूह भागीदारों तथा अल्पांश शेयरधारको के लिए दीर्घावधि में सतत मूल्य के सृजन पर ध्यान केंद्रित कर रहा है।
विदेशी कोषों के खातों पर रोक की खबरों को उन्होंने ‘लापरवाही और गैर जिम्मेदारापन’ करार दिया। उन्होंने कहा कि इससे अडाणी के शेयरों में अचानक उतार-चढ़ाव आया।
उन्होंने कहा, ‘‘दुर्भाग्य से इस घटनाक्रम से हमारे कुछ छोटे निवेशक प्रभावित हुए। इनसे ऐसा लगता था जैसे कंपनियों के पास अपने शेयरधारकों को लेकर नियामकीय शक्तियां हैं और वे उन्हें खुलासे के लिए बाध्य कर सकती हैं।
उन्होंने कहा कि इस तरह की चीजों से दीर्घावधि में समूह पर असर नहीं पड़ेगा।
अडाणी ने कहा, ‘‘हम हमेशा से विश्वास वाला संगठन रहे हैं जो ऐसी चुनौतियों का सामना करता रहा है, जिससे दूसरे बचना चाहेंगे। हर चुनौती के बाद हम और मजबूत हुए हैं और हमारी तैयारी बेहतर हुई है।
इन खबरों के बाद अडाणी टोटल गैस, अडाणी पावर लि., अडाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकनॉमिक जोन, अडाणी ग्रीन एनर्जी और प्रमुख कंपनी अडाणी एंटरप्राइजेज के शेयर नीचे आए थे। इससे पहली पीढ़ी के उद्यमी अडाणी को एक सप्ताह में 10 अरब डॉलर का नुकसान हुआ था।
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