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गडकरी की ने कहा विकास के विकेंद्रीकरण में प्रवासी मजदूरों की समथ्या का है समाधान

गडकरी ने कहा, ‘‘प्रवासी मजदूरों का संकट ‘बहुत बड़ा दुर्भाग्य’ है।’’ उन्होंने जोर देकर कहा कि यह समय है कि विकास के माध्यम से गांव, ग्रामीण, पिछड़े इलाकों और दूर-दराज के क्षेत्रों में रोजगार के अवसर पैदा किए जाएं।

गडकरी की ने कहा विकास के विकेंद्रीकरण में प्रवासी मजदूरों की समथ्या का है समाधान
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नयी दिल्ली, 17 मई केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि शहरों के विकेंद्रीकरण और दूर-दराज के इलाकों का विकास करने से प्रवासी मजदूरों के संकट को कम करने में मदद मिल सकती है।

गडकरी ने कहा, ‘‘प्रवासी मजदूरों का संकट ‘बहुत बड़ा दुर्भाग्य’ है।’’ उन्होंने जोर देकर कहा कि यह समय है कि विकास के माध्यम से गांव, ग्रामीण, पिछड़े इलाकों और दूर-दराज के क्षेत्रों में रोजगार के अवसर पैदा किए जाएं।

गौरतलब है कि लॉकडाउन की वजह से प्रवासी मजदूरों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है और वह अपने मूल निवास स्थानों की ओर लौटने को मजबूर हैं। इसमें भी कुछ लोग पैदल अपने घरों को लौट रहे हैं। इसके चलते कई लोगों की सड़क दुर्घटनाओं मृत्यु हो गयी।

गडकरी ने कहा, ‘‘हमें कोरोना वायरस के साथ रहना सीखना होगा। कोई भी बड़े शहर में अपनी मर्जी से नहीं आता। बहुत गरीबी और अवसरों की कमी उसे बड़े शहर आने के लिए मजबूर करती है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘ दर्द और डर (रोजगार और भुखमरी का) की वजह से वह अपनी जड़ों की ओर लौटने को मजबूर हैं। हमने उनके लिए टोल बूथ पर खाना इत्यादि का प्रबंध किया है लेकिन हमें उनके अंदर सकारात्मकता भरनी है।’’

नागपुर में अपने घर से एक टेलीफोन साक्षात्कार में गडकरी ने कहा कि डर ने ही इस भयावह स्थिति को खड़ा किया है।

गडकरी ने कहा कि हमें उद्योगों का विकेंद्रीकरण करने की जरूरत है जिसके वजह से लोग गुड़गांव, नोएडा, दिल्ली, लुधियाना, चेन्नई, बेंगलुरू, हैदराबाद, मुंबई और पुणे आते हैं। यह समय की मांग है। हमें पिछड़े इलाकों को आर्थिक, सामाजिक और शैक्षिक रूप से विकसित करना होगा।

गडकरी ने कहा कि वह इस संबंध में महाराष्ट्र सरकार के साथ एक योजना पर काम कर रहे हैं। यह बाद में अन्य राज्यों के लिए मिसाल बनेगा।

गडकरी के पास सड़क परिवहन, राजमार्ग, पोत परिवहन और सूक्ष्म,लुघु और मध्यम उद्योग जैसे महत्वपूर्ण विभाग हैं।

उन्होंने कहा कि धारावी के करीब डेढ़ लाख लोग चमड़ा उद्योग से जुड़े हैं। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे राज्य के ठाणे से गुजरता है। हमारे पास वहां जमीन है। हमने राज्य सरकार से कहा है कि हम वहां चमड़ा संकुल बना सकते हैं। इससे इन डेढ़ लाख लोगों को वहां भेजने में मदद मिलेगी। उन्हें वहां सस्ते आवास मिले जहां वह सम्मानजनक जीवन जी सकते हैं।

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(The above story first appeared on LatestLY on May 17, 2020 08:16 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).