विदेश की खबरें | गैबॉन : निर्वाचित राष्ट्रपति को अपदस्थ करने के बाद सैन्य नेता ने राष्ट्र प्रमुख की शपथ ली
श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

जनरल नगुएमा ने गैबॉन की राजधानी लिबरेविले स्थित राष्ट्रपति प्रासाद में सरकारी अधिकारियों, सैन्य अधिकारियों और स्थानीय नेताओं की उपस्थिति में पद की शपथ ली।

नगुएमा अपदस्थ राष्ट्रपति ओंडिम्बा के रिश्ते के भाई हैं। वह ओंडिम्बा के दिवंगत पिता के अंगरक्षक और देश की शीर्ष सैन्य इकाई रिपब्लिकन गार्ड के प्रमुख की जिम्मेदारी निभा चुके हैं।

नगुएमा ने तालियों के बीच सोमवार को कहा कि सेना ने बिना खूनखराबे के सत्ता पर कब्जा किया है। उन्होंने वादा किया कि स्वतंत्र, पारदर्शी और विश्वसनीय चुनाव के जरिये सत्ता वापस लोगों को सौंप दी जाएगी।

उन्होंने कहा, ‘‘नयी सरकार अनुभवी लोगों के साथ बनाई है और हम सभी लोगों को अपनी उम्मीदों को पूरा करने का मौका देंगे।’’

ओंडिम्बा को पिछले सप्ताह अपदस्थ करने वाले बागी सैनिकों ने कहा था कि देश में अराजकता का खतरा पैदा हो रहा था और इसलिए उन्होंने ‘सर्वसम्मति से नगुएमा को सत्ता के स्थानांतरित करने तक शासन करने के लिए गठित समिति का अध्यक्ष नामित किया।

ओंडिम्बा गत 14 साल से राष्ट्रपति थे और हाल में हुए चुनाव में विजयी घोषित किये जाने के कुछ घंटे के भीतर ही बागी सैनिकों ने उन्हें अपदस्थ कर दिया। देश में राष्ट्रपति पद के लिए हुए चुनाव में बड़े पैमाने पर अनियमितता होने और पारदर्शिता की कमी होने के आरोप लगे थे।

जोखिम आकलन कंपनी वेरिस्क मैपलक्रॉफ्ट की वरिष्ठ विश्लेषक माजा बोवकॉन ने कहा, नगुएमा के शीघ्र शपथ ग्रहण से उनकी वैधता स्थापित होगी और संभावित विरोधियों से मिलने वाली चुनौती को कुचलने में उन्हें मदद मिलेगी।

ओंडिम्बा (64) 2009 में पिता की मृत्यु के बाद सत्ता पर काबिज हुए और उनके दो कार्यकाल पूरे हो चुके हैं। उनके पिता ने देश पर 41 वर्षों तक शासन किया और वर्षों से उनके परिवार के शासन के प्रति व्यापक असंतोष रहा। विद्रोही सैनिकों के एक अन्य समूह ने 2019 में तख्तापलट का प्रयास किया था, लेकिन जल्दी ही उस पर काबू पा लिया गया।

फ्रांसीसी गैर सरकारी संगठन शेरपा के मुताबिक, ओंडिम्बा परिवार के नौ सदस्यों के खिलाफ गबन, धनशोधन और भ्रष्टाचार के अन्य आरोपों में फ्रांस में जांच चल रही है। जांचकर्ताओं के मुताबिक ओंडिम्बा परिवार की फ्रांस में 9.2 करोड़ डॉलर से अधिक की संपत्ति है जिनमें नीस शहर स्थित दो कोठी शामिल हैं।

फ्रांस का पूर्व उपनिवेश रहा गैबॉन ‘ओपेक’ का सदस्य है, लेकिन इसकी तेल संपदा कुछ लोगों के हाथों में सीमित है। विश्व बैंक की एक रिपोर्ट के अनुसार गैबॉन में 15 से 24 वर्ष आयुवर्ग की लगभग 40 प्रतिशत आबादी 2020 में बेरोजगार थी।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)