देश की खबरें | गबार्ड की भारत यात्रा मजबूत अमेरिका-भारत संबंधों को दर्शाती है : डीएनआई

नयी दिल्ली, 21 मार्च अमेरिकी राष्ट्रीय खुफिया निदेशक तुलसी गबार्ड की भारत यात्रा दशकों पुराने मजबूत अमेरिका-भारत संबंधों को दर्शाती है, जिसे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मित्रता से बल मिला है। अमेरिकी राष्ट्रीय खुफिया निदेशालय (डीएनआई) ने एक बयान में यह टिप्पणी की।

गबार्ड बतौर अमेरिकी राष्ट्रीय खुफिया निदेशक विभिन्न देशों की अपनी पहली यात्रा पर थीं। उन्होंने हवाई, जापान, थाईलैंड, भारत और फ्रांस की यात्रा की।

डीएनआई की ओर से बृहस्पतिवार को जारी बयान में कहा गया, ‘‘हिंद-प्रशांत क्षेत्र में जन्मी और पली-बढ़ी गबार्ड में इस क्षेत्र की महत्वपूर्ण साझेदारियों और जटिल चुनौतियों की गहरी समझ है तथा उन्होंने हिंद-प्रशांत क्षेत्र में राष्ट्रपति ट्रंप की ‘अमेरिका प्रथम’ नीतियों को आगे बढ़ाने के अवसरों को खंगाला है।’’

भारत में गबार्ड ने प्रधानमंत्री मोदी समेत कई नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठकें कीं।

बयान में कहा गया है, ‘‘अमेरिकी राष्ट्रीय खुफिया निदेशक तुलसी गबार्ड की भारत यात्रा दशकों पुराने मजबूत अमेरिका-भारत संबंधों को दर्शाती है, जिसे प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप के नेतृत्व एवं उनकी मित्रता से बल मिला है।’’

बयान में कहा गया है कि भारत में गबार्ड की बैठकें खुफिया जानकारी साझा करने, रक्षा, आतंकवाद-रोधी उपायों और अंतरराष्ट्रीय खतरों जैसे क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग पर केंद्रित रहीं।

बयान में कहा गया कि गबार्ड ‘रायसीना डायलॉग’ में भी शामिल हुईं, जहां उन्होंने शांतिपूर्ण, स्वतंत्र, सुरक्षित और समृद्ध समाज के ट्रंप के लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए सामूहिक प्रयास पर मुख्य भाषण दिया।

बयान के अनुसार गबार्ड ने कहा, ‘‘शक्ति के माध्यम से शांति सुनिश्चित करने के लिए वैश्विक चुनौतियों और अवसरों की स्पष्ट और यथार्थवादी समझ के साथ मजबूत नेतृत्व की आवश्यकता होती है। संघर्ष बढ़ने की आशंका को कम करने वाले सांस्कृतिक और आर्थिक संबंधों को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्धता और आपसी हितों को मजबूत करने के लिए समर्पण की जरूरत होती है।’’

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