विदेश की खबरें | सख्त जलवायु कार्रवाई लक्ष्यों, जीवाश्म ईंधन में कटौती पर सहमत होंगे जी7 नेता

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. दक्षिण-पश्चिम इंग्लैंड के कॉर्नवाल में ब्रिटेन की मेजबानी में आयोजित जी7 शिखर सम्मेलन के समापन के अवसर पर इन देशों के नेताओं के सख्त जलवायु कार्रवाई लक्ष्यों और कोयले व जीवाश्म ईंधनों के इस्तेमाल को कम करने पर सहमत होने की उम्मीद है।

लंदन, 13 जून दक्षिण-पश्चिम इंग्लैंड के कॉर्नवाल में ब्रिटेन की मेजबानी में आयोजित जी7 शिखर सम्मेलन के समापन के अवसर पर इन देशों के नेताओं के सख्त जलवायु कार्रवाई लक्ष्यों और कोयले व जीवाश्म ईंधनों के इस्तेमाल को कम करने पर सहमत होने की उम्मीद है।

ब्रिटेन, अमेरिका, कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान के साथ ही बतौर अतिथि राष्ट्र भारत, ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण अफ्रीका और दक्षिण कोरिया के नेता कॉर्नवाल के कार्बिस बे में सम्मेलन के तीसरे और अंतिम दिन मुलाकात कर रहे हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी डिजिटल तरीके से नयी दिल्ली से सम्मेलन को ‘ब्लिडिंग बैक बैटर एंड ग्रीनर’ समुद्रतट विषय पर संबोधित करेंगे।

ब्रिटिश सरकार के बयान के मुताबिक नेता उस कार्रवाई का खाका भी पेश करेंगे, जिसकी योजना उन्होंने कार्बन उत्सर्जन को कम करने के लिये बनाई है जिसमें कोयलों को जितनी जल्दी हो सके खत्म करने, विदेशों में जीवाश्म ऊर्जा क्षेत्र के लिये सभी प्रत्यक्ष सरकारी समर्थन को खत्म करने तथा पेट्रोल और डीजल कारों के उपयोग को चरणबद्ध तरीके से खत्म करना शामिल है।

उनके जलवायु संकट के समाधान और प्रकृति के संरक्षण के लिये उपायों के एक हिस्से के तौर पर विकासशील देशों में आधारभूत परियोजनाओं के वित्तपोषण में बदलाव पर सहमत होने की भी उम्मीद है।

अपने देश में कार्रवाई के अलावा जी7 नेता 100 अरब डॉलर के अंतरराष्ट्रीय जलवायु वित्त के लक्ष्य को पूरा करने के लिये अपना योगदान बढ़ाने पर प्रतिबद्धता जताएंगे। इस रकम से विकासशील देशों को जलवायु परिवर्तन के प्रभाव से उबरने और सतत हरित वृद्धि में मदद मिलेगी।

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने कहा, “अपने ग्रह को बचाना, एक नेता के तौर पर वह सबसे महत्वपूर्ण काम है जो हम अपने लोगों के लिये कर सकते हैं। उत्सर्जन घटाने का प्रकृति को फिर से बहाल करने, रोजगार पैदा करने और दीर्घकालिक आर्थिक विकास सुनिश्चित करने से सीधा संबंध है।”

उन्होंने कहा, “लोकतांत्रिक देशों के रूप में हमारी जिम्मेदारी है कि हम विकासशील देशों को निष्पक्ष और पारदर्शी प्रणाली के जरिये स्वच्छ विकास के लाभ को प्राप्त करने में मदद करें। जी7 के पास वैश्विक हरित औद्योगिक क्रांति का एक अभूतपूर्व अवसर है, जिसमें हमारी जिंदगी जीने के तरीकों को बदलने की क्षमता है।”

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