देश की खबरें | जी20 स्वास्थ्य मंत्रियों की बैठक: परिणामी दस्तावेज को आम सहमति से स्वीकार किया गया
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गांधीनगर, 19 अगस्त जी20 स्वास्थ्य मंत्रियों की यहां शनिवार को संपन्न हुई दो दिवसीय बैठक में ‘परिणामी दस्तावेज’ को स्वीकार करने पर आम सहमति नजर आई। इसमें वैश्विक स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करना जारी रखने की सदस्य देशों की प्रतिबद्धता दोहराई गई।
एक विज्ञप्ति के अनुसार, रूस और चीन की आपत्तियों के मद्देनजर, रूस-यूक्रेन युद्ध पर एक पैराग्राफ को ‘चेयर्स समरी’ को अधिकृत रूप से गोपनीय कर दिया गया, जबकि शेष 24 पैराग्राफ को ‘परिणामी दस्तावेज’ का हिस्सा बनाया गया, जिसे सभी सदस्य देशों द्वारा स्वीकार कर लिया गया।
विज्ञप्ति में कहा गया है कि जी20 स्वास्थ्य मंत्रियों ने बड़ी वैश्विक स्वास्थ्य प्राथमकिताओं और चुनौतियों पर 18 और 19 अगस्त को गांधीनगर में बैठक की, ताकि वैश्विक स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करना जारी रखने की समूह की प्रतिबद्धता दोहराई जा सके।
सभी सदस्य देशों द्वारा जिन नतीजों पर आम सहमति बनाई गई, उनमें साक्ष्य आधारित पारंपरिक एवं समकालिक औषधियों की संभावित भूमिका, स्थानीय एवं क्षेत्रीय स्वास्थ्य उत्पाद विनिर्माण क्षमताओं को बढ़ाना, उच्च गुणवत्ता की डिजिटल स्वास्थ्य प्रणालियों की योजना बनाने और इनके क्रियान्वयन में देशों का सहयोग और एक अंतरिम मेडिकल उपाय समन्वय तंत्र का विकास शामिल है।
बैठक के समापन के बाद संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए, केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री मनसुख मांडविया ने कहा कि सदस्य देशों ने इस तथ्य की सराहना की कि भारत के लिए स्वास्थ्य क्षेत्र सेवा का एक साधन है, न कि व्यापार का।
उन्होंने कहा, ‘‘महामारी के दौरान, हमने लगभग 150 देशों को सस्ती दरों पर दवाओं की आपूर्ति की और कई देशों को कोविड-19 रोधी टीकों की भी आपूर्ति की। हमने न तो अपनी दवाओं की कीमतें बढ़ाईं और न ही उनका भंडारण किया। आज, पूरी दुनिया दृढ़ता से विश्वास करती है कि कोई है जो मुश्किल समय में साथ खड़ा रहेगा, वह भारत है।’’
बैठक के दौरान, मांडविया ने कहा कि उन्होंने अनुभव किया कि कैसे अन्य देश न केवल भारत से दवाएं खरीदने के इच्छुक हैं बल्कि हमारे देश में स्वास्थ्य क्षेत्र में निवेश करने के भी इच्छुक हैं।
केंद्रीय मंत्री ने कहा, ‘‘स्वास्थ्य क्षेत्र में कोई देश सफल नहीं होगा अगर वह अकेले काम करेगा। स्वास्थ्य क्षेत्र एक वैश्विक क्षेत्र है। महामारी जैसे संकट से मुकाबला करने के लिए हम सभी को मिलकर काम करना होगा। हर कोई तभी सुरक्षित होगा जब सभी मिलकर काम करेंगे।’’
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