विदेश की खबरें | जी-7 के ऊर्जा, पर्यावरण नेताओं ने जलवायु परिवर्तन से निपटने पर चर्चा की

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. उत्तरी जापान के सोपोरो शहर में आयोजित इन बैठकों का उद्देश्य मई में हिरोशिमा में होने वाले जी-7 शिखर सम्मेलन से पहले जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता घटाने की दिशा में आगे बढ़ने के उपायों पर आम सहमति बनाना है। हालांकि, कार्बन उत्सर्जन में कैसे और कितनी तेजी से कमी लाए जाए, इस पर मतभेद बने हुए हैं, खासतौर पर यूक्रेन युद्ध के चलते ऊर्जा सुरक्षा को लेकर बढ़ती चिंताओं के कारण।

श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

उत्तरी जापान के सोपोरो शहर में आयोजित इन बैठकों का उद्देश्य मई में हिरोशिमा में होने वाले जी-7 शिखर सम्मेलन से पहले जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता घटाने की दिशा में आगे बढ़ने के उपायों पर आम सहमति बनाना है। हालांकि, कार्बन उत्सर्जन में कैसे और कितनी तेजी से कमी लाए जाए, इस पर मतभेद बने हुए हैं, खासतौर पर यूक्रेन युद्ध के चलते ऊर्जा सुरक्षा को लेकर बढ़ती चिंताओं के कारण।

सोपोरो में आयोजित बैठकों में जैवविविधता को हुए नुकसान और अन्य वैश्विक चुनौतियों पर भी ध्यान केंद्रित किया गया, लेकिन बंद कमरे में हुई बैठकों का मुख्य एजेंडा जलवायु परिवर्तन रहा।

जापान सोपोरो में अपनी तथाकथित ‘जीएक्स परिवर्तन’ योजना के समर्थन का आह्वान कर रहा है। उसके नेताओं का कहना है कि यह योजना ऊर्जा उत्पादन क्षमता को बढ़ावा देने और कार्बन उत्सर्जन में चरणबद्ध तरीके से कमी लाने के लिए बनाई गई है, जो वैश्विक ताप वृद्धि के लिए जिम्मेदार है।

यह योजना कार्बन-मूल्य निर्धारण प्रणाली का समर्थन करती है, जिसके तहत व्यवसायों को अपने कार्बन उत्सर्जन के लिए भुगतान करने की आवश्यकता होगी।

पर्यावरण कार्यकर्ताओं का कहना है कि इस योजना से देश के क्षीण होते परमाणु उद्योग को संजीवनी मिलेगी, जबकि जीवाष्म ईंधन के इस्तेमाल में कमी लाकर अक्षय ऊर्जा स्रोतों का रुख करने के प्रयास कमतर होंगे।

जी-7 में कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान, अमेरिका और ब्रिटेन शामिल हैं।

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