विदेश की खबरें | गरीब देशों के लिए कोविड-19 के और टीकों के आह्वान के साथ जी-20 सम्मेलन की शुरुआत

जी-20 की मेजबानी कर रहे द्रागी ने दो दिवसीय शिखर सम्मेलन की शुरुआत में विश्व के कम संपन्न देशों के लिए टीकों की आपूर्ति बढ़ाने के प्रयासों को गति देने का आह्वान किया। द्रागी ने रेखांकित किया कि संपन्न देशों में 70 प्रतिशत लोगों का टीकाकरण हो चुका है जबकि गरीब देशों में केवल तीन प्रतिशत लोगों को ही कोविड-19 रोधी टीके की खुराक मिली है। द्रागी ने इसे नैतिक रूप से अस्वीकार्य बताया।

इस बार जी-20 शिखर सम्मेलन के एजेंडे में जलवायु परिवर्तन, कोविड-19 के बाद आर्थिक सुधार और वैश्विक न्यूनतम निगमित कर दर है। द्रागी ने रोम के नुवोला में जी-20 के शासनाध्यक्षों का स्वागत किया। शनिवार को सम्मेलन के शुरुआती सत्र में वैश्विक स्वास्थ्य और अर्थव्यवस्था पर चर्चा होने की उम्मीद है।

इटली के प्रधानमंत्री ने बहुपक्षीय सहयोग को लेकर नए सिरे से प्रतिबद्धता जताने का आग्रह किया। उन्होंने कहा, ‘‘हम सब जितनी चुनौतियों का सामना कर रहे हैं, उतना ही यह स्पष्ट होता है कि बहुपक्षवाद उन समस्याओं का सबसे अच्छा जवाब है जिनका हम आज सामना कर रहे हैं। कई मायनों में यह एकमात्र संभव उत्तर है।’’

संयुक्त राष्ट्र जलवायु सम्मेलन से पहले इटली को उम्मीद है कि जी-20 के देश कार्बन उत्सर्जन में कटौती को लेकर महत्वपूर्ण प्रतिबद्धता जताएंगे। जलवायु सम्मेलन रविवार को ग्लासगो, स्कॉटलैंड में शुरू होगा।

जी-20 सम्मेलन खत्म होने के तुरंत बाद कई देशों के प्रमुख ग्लासगो जाएंगे। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए सम्मेलन से जुड़ेंगे।

अमेरिकी प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने पत्रकारों को बताया कि बाइडन द्वारा वैश्विक ऊर्जा बाजार में आपूर्ति और मांग में असंतुलन के बारे में चिंता प्रकट करने की उम्मीद है। अधिकारी ने कहा कि बाइडन वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए तेल और गैस दोनों बाजारों में अधिक स्थिरता के महत्व को रेखांकित करेंगे, जो कोरोनो वायरस महामारी से बुरी तरह प्रभावित हुआ है। अमेरिकी तेल की कीमतें सात साल के उच्चतम स्तर पर हैं।

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