देश की खबरें | पंजाब में बंद का दिखा पूरा असर, हरियाणा में किसानों ने अवरुद्ध किए राजमार्ग
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. केंद्र के तीन नए कृषि कानूनों को निरस्त करने की मांग को लेकर किसान संगठनों द्वारा आहूत भारत बंद के दौरान मंगलवार को किसानों ने पंजाब और हरियाणा में अनेक जगहों पर राजमार्गों तथा कई मुख्य रास्तों को अवरुद्ध कर प्रदर्शन किया।
चंडीगढ़, आठ दिसंबर केंद्र के तीन नए कृषि कानूनों को निरस्त करने की मांग को लेकर किसान संगठनों द्वारा आहूत भारत बंद के दौरान मंगलवार को किसानों ने पंजाब और हरियाणा में अनेक जगहों पर राजमार्गों तथा कई मुख्य रास्तों को अवरुद्ध कर प्रदर्शन किया।
कांग्रेस के शासन वाले पंजाब में दिन में 11 बजे से शाम चार बजे तक बंद का पूरा असर देखने को मिला। किसान पटरियों पर धरना देने बैठ गए जिससे कुछ घंटे तक दो खंडों पर ट्रेन सेवा प्रभावित हुई। पंजाब में अनेक स्थानों पर दुकान और व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद रहे।
पड़ोस के हरियाणा में भी व्यापारियों ने बड़ी संख्या में प्रतिष्ठान बंद रख किसानों का समर्थन किया। राज्य में बंद का मिला-जुला असर देखने को मिला।
पंजाब में सार्वजनिक और निजी परिवहन सेवाएं बंद रहीं, वहीं पड़ोसी हरियाणा में अंतरराज्यीय और स्थानीय बस सेवाएं प्रभावित हुईं।
दोनों राज्यों की संयुक्त राजधानी चंडीगढ़ में पुलिस ने भारतीय जनता पार्टी के कार्यालय का घेराव करने जा रहे एक युवा संगठन के प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए पानी की बौछारों का इस्तेमाल किया। दोनों राज्यों में पेट्रोल डीलरों ने भी बंद के समर्थन में पेट्रोल पंप बंद रखे।
पंजाब के किसान बठिंडा-मानसा और बठिंडा अंबाला रूट पर पटरी पर धरना देने बैठ गए जिससे रेलवे को ट्रेनों को गंतव्य से पहले ही रोकना पड़ा।
आंदोलनकारी किसानों ने चंडीगढ़-दिल्ली, अमृतसर-दिल्ली, हिसार-दिल्ली और भिवानी-दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग समेत अन्य प्रमुख मार्गों को जाम कर दिया। उन्होंने सड़कों के बीच में ट्रक, ट्रैक्टर और अन्य वाहन खड़े कर दिये।
पंजाब सिविल सेक्रेटेरियट स्टाफ एसोसिएशन के अध्यक्ष सुखचैन खैरा ने बताया कि राज्य में 50,000 से अधिक सरकारी कर्मचारियों ने बंद के समर्थन में सामूहिक आकस्मिक अवकाश लिया।
पंजाब के कुछ स्थानों पर आम लोग भी किसानों के समर्थन में हाथों में तख्तियां लिए हुए नजर आए। हरियाणा के अंबाला में थोक कपड़ा बाजार और अनाज मंडी बंद रही लेकिन कुछ अन्य बाजार खुले रहे।
हरियाणा के रोहतक, करनाल, कैथल, कुरूक्षेत्र, पानीपत और हिसार जिलों में कई स्थानों पर दुकानें बंद रहीं, लेकिन, गुरुग्राम और फरीदाबाद में बंद का कोई खास असर नहीं दिखा।
हरियाणा में विपक्षी दल कांग्रेस और इंडियन नेशनल लोक दल ने भारत बंद को समर्थन दिया। पलवल, कुरूक्षेत्र और कैथल में विपक्षी दलों के नेता किसानों के प्रदर्शन में शामिल हुए। कांग्रेस नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला कैथल में प्रदर्शन में शामिल हुए ।
पंजाब में प्रदेश कांग्रेस प्रमुख सुनील जाखड़ और स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू ने मोहाली में प्रदर्शन में हिस्सा लिया।
सरकारी कर्मचारियों का प्रतिनिधित्व करने वाले कुछ संगठनों, आढतिया, श्रमिकों, वकीलों और ट्रांसपोर्टरों ने भी आंदोलन को अपना समर्थन दिया।
पंजाब में सत्तारूढ़ कांग्रेस और विपक्षी आम आदमी पार्टी तथा शिरोमणि अकाली दल ने बंद को अपना समर्थन दिया था।
शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने भी घोषणा की थी कि बंद के दौरान वह अपना कार्यालय बंद रखेगी।
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