जरुरी जानकारी | एफएसडीसी ने कहा, वित्तीय क्षेत्र में जोखिम पर लगातार नजर रखने की जरूरत

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता वाली उच्चस्तरीय वित्तीय स्थिरता और विकास परिषद (एफएसडीसी) ने वैश्विक अनश्चितताओं को देखते हुए बृहस्पतिवार को वित्तीय क्षेत्र में जोखिम पर लगातार नजर बनाये रखने की जरूरत बताई ताकि किसी भी समस्या का समय रहते निपटान किया जा सके।

मुंबई, 15 सितंबर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता वाली उच्चस्तरीय वित्तीय स्थिरता और विकास परिषद (एफएसडीसी) ने वैश्विक अनश्चितताओं को देखते हुए बृहस्पतिवार को वित्तीय क्षेत्र में जोखिम पर लगातार नजर बनाये रखने की जरूरत बताई ताकि किसी भी समस्या का समय रहते निपटान किया जा सके।

एफएसडीसी की बैठक में 2023 में भारत की जी-20 अध्यक्षता के दौरान उठाये जाने वाले वित्तीय क्षेत्र के मुद्दों के संबंध में तैयारियों पर भी गौर किया गया। बैठक में वित्तीय क्षेत्र के नियामकों और अधिकारियों ने भाग लिया।

वित्त मंत्रालय ने बयान में कहा, ‘‘बैठक में इस बात पर गौर किया गया कि सरकार और नियामकों के वित्तीय क्षेत्र में जोखिम, वित्तीय स्थिति और बाजार गतिविधियों पर निरंतर आधार पर नजर रखे जाने की जरूरत है, ताकि किसी भी तरह के संकट को कम करने और वित्तीय स्थिरता को मजबूत करने के लिये उपयुक्त तथा समय पर कार्रवाई की जा सके।’’

परिषद ने अर्थव्यवस्था के लिये शुरुआती चेतावनी संकेतकों और उनसे निपटने की तैयारी, मौजूदा वित्तीय/ कर्ज से जुड़ी सूचना व्यवस्था की दक्षता में सुधार और महत्वपूर्ण वित्तीय संस्थानों में संचालन तथा प्रबंधन के मुद्दों पर भी विचार-विमर्श किया।

बैठक के दौरान वित्तीय क्षेत्र में साइबर सुरक्षा ढांचे को मजबूत करने और सभी वित्तीय सेवाओं के लिये एक समान केवाईसी (अपने ग्राहक को जानो) एवं संबंधित मुद्दों पर भी चर्चा की गई।

एफएसडीसी की 26वीं बैठक में वित्त राज्यमंत्री भागवत किशनराव कराड, पंकज चौधरी तथा भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नर शक्तिकांत दास, भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) की प्रमुख माधबी पुरी बुच, भारतीय बीमा नियामक एवं विकास प्राधिकरण के चेयरपर्सन देबाशीष पांडा, पेंशन कोष नियामक एवं विकास प्राधिकरण (पीएफआरडीए) के चेयरपर्सन सुप्रतिम बंदोपाध्याय समेत अन्य लोगों ने भाग लिया।

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