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देश की खबरें | अरुणाचल प्रदेश के विकास के लिए क्रांतिकारी साबित होगी ‘फ्रंटियर हाइवे’ परियोजना : रीजीजू

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देश की खबरें | अरुणाचल प्रदेश के विकास के लिए क्रांतिकारी साबित होगी ‘फ्रंटियर हाइवे’ परियोजना : रीजीजू

ईटानगर, 20 फरवरी केंद्रीय मंत्री किरेन रीजीजू ने कहा है कि करोड़ों रुपये की लागत वाली ‘फ्रंटियर हाईवे’ परियोजना अरुणाचल प्रदेश के सीमावर्ती क्षेत्रों के विकास के लिए क्रांतिकारी साबित होगी।

रीजीजू ने यहां राज्य के 39वें स्थापना दिवस समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि यह देश में ‘‘किसी एक परियोजना के लिए केंद्र द्वारा किया गया अब तक का सबसे अधिक आवंटन है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘फ्रंटियर हाईवे भारत के इतिहास की सबसे बड़ी सड़क परियोजना होगी। यह करीब 1,400 किलोमीटर लंबी होगी और इस पर करीब 42,000 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा। इससे राज्य के सीमावर्ती इलाकों की तस्वीर बदलने जा रही है।’’

केंद्रीय संसदीय कार्य एवं अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री रीजीजू ने हालांकि मुआवजा संबंधी मुद्दों के कारण संभावित बाधाओं को लेकर चिंता व्यक्त की।

उन्होंने कहा, ‘‘लोगों से मेरी अपील है कि कृपया मुआवजा पाने के लिए बिल को बढ़ा-चढ़ाकर पेश करने की कोशिश न करें। बाधाएं न डालें। अगर जमीन का मुद्दा उठता है, तो इससे परियोजनाओं में देरी होगी।’’

उन्होंने ‘ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर’ का हवाला दिया जिसे “मुआवजा और वन मंजूरी आदि के कारण देरी का सामना करना पड़ रहा है।” यह कॉरिडोर औद्योगिक कॉरिडोर के रूप में भी जाना जाता है।

अरुणाचल फ्रंटियर हाईवे (एएफएच) को आधिकारिक तौर पर राष्ट्रीय राजमार्ग एनएच-913 के रूप में अधिसूचित किया गया है और उसे बोमडिला-विजयनगर हाईवे (बीवीएच) भी कहा जाता है।

अधिकारियों का कहना है कि यह राजमार्ग बोमडिला से शुरू होकर नफरा, हुरी और मोनिगोंग से होकर गुजरेगा तथा उसका समापन भारत-म्यांमार सीमा के पास विजयनगर में होगा।

अधिकारियों के मुताबिक यह राजमार्ग जिन महत्वपूर्ण स्थानों को जोड़ेगा, वे तवांग, मागो अपर सुबनसिरी, अपर सियांग, मेचुका, तूतिंग, दिबांग घाटी, किबिथू, चांगलांग और डोंग हैं।

अधिकारियों का कहना है कि इस राजमार्ग का 800 किलोमीटर हिस्सा ग्रीनफील्ड से गुजरेगा तथा उसमें भारत-चीन सीमा के समीप कई सुरंगें एवं पुल होंगे।

रीजीजू ने कहा कि 2014 से पहले एक भी परियोजना के लिए आवंटन हासिल करना मुश्किल था, लेकिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सत्ता में आने के बाद स्थिति बदल गई।

उन्होंने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री का ध्यान पूर्वोत्तर के विकास पर है और उन्होंने सभी मंत्रियों को हर 15 दिन पर पूर्वोत्तर राज्यों का दौरा करने एवं उनकी समस्याओं को समझने तथा उसके अनुसार कार्य करने का निर्देश दिया है।’’

मंत्री ने कहा, ‘‘अरुणाचल प्रदेश देश का सबसे संसाधन संपन्न राज्य है, लेकिन विकास के लिए शांति एक पूर्वशर्त है।’’

केंद्र शासित प्रदेश से पूर्ण राज्य बनने की अरुणाचल प्रदेश की यात्रा पर विचार करते हुए, रीजीजू ने सभी पूर्व मुख्यमंत्रियों के योगदान का जिक्र किया।

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(The above story first appeared on LatestLY on Feb 20, 2025 06:50 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).