देश की खबरें | उत्तर भारत में हाड़ कंपाने वाली ठंड, तीन जनवरी से कुछ राहत मिलने की संभावना
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. उत्तर भारत के अधिकतर हिस्से में शीतलहर चलने से कंपकंपाने वाली ठंड पड़ रही है और नए साल के पहले दिन शुक्रवार को कई जगहों पर घना कोहरा छाया रहा।
नयी दिल्ली, एक जनवरी उत्तर भारत के अधिकतर हिस्से में शीतलहर चलने से कंपकंपाने वाली ठंड पड़ रही है और नए साल के पहले दिन शुक्रवार को कई जगहों पर घना कोहरा छाया रहा।
मौसम विभाग ने कहा है कि शीतलहर का सामना कर रहे उत्तर भारत में तापमान में तीन से पांच डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी होने के साथ तीन जनवरी से राहत मिलने की संभावना है।
अफगानिस्तान और इसके आसपास पश्चिमी विक्षोभ के कारण चक्रवाती प्रवाह बना है। अगले 48 घंटे के दौरान इसके मध्य पाकिस्तान की ओर बढ़ने की संभावना है। पश्चिमी विक्षोभ के परिणामस्वरूप हवा का कम दबाव दक्षिण-पश्चिम राजस्थान में बना हुआ है।
मौसम विभाग ने कहा, ‘‘इन प्रभावों के कारण चार-छह जनवरी के दौरान पश्चिमी हिमालय क्षेत्र में बारिश या बर्फबारी का अनुमान है। जम्मू कश्मीर में भारी बारिश या बर्फबारी हो सकती है। इस अवधि में हिमालय के पश्चिमी क्षेत्र में कुछ जगहों पर ओले पड़ने की भी आशंका है।’’
मौसम विभाग ने कहा, ‘‘उत्तर पश्चिम भारत और मध्य भारत के कई हिस्सों में शीतलहर चल रही है। पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली, पश्चिमी उत्तरप्रदेश और उत्तरी राजस्थान में अगले 24 घंटे के दौरान यही स्थिति रहेगी। ’’
दिल्ली में शीत लहर के प्रकोप के बीच न्यूनतम तापमान 15 साल में सबसे कम 1.1 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। वहीं ‘‘बेहद घने कोहरे’’ के कारण दृश्यता ‘‘शून्य’’ हो गई।
दिल्ली के सफदरजंग वेधशाला में न्यूनतम तापमान 1.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो कि पिछले 15 साल में सबसे कम तापमान है।
इससे पहले आठ जनवरी 2006 को शहर में न्यूनतम तापमान 0.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। अब तक का सबसे कम तापमान जनवरी 1935 में 0.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
मौसम विभाग के अनुसार पिछले साल जनवरी में न्यूनतम तापमान 2.4 डिग्री सेल्सियस रहा था।
दिल्ली में, आईएमडी के क्षेत्रीय पूर्वानुमान केन्द्र के प्रमुख कुलदीप श्रीवास्तव ने बताया कि सफदरजंग और पालम में सुबह छह बजे ‘‘ बेहद घना कोहरा’’ छाने के कारण दृश्यता ‘‘शून्य’’ रही।
न्यूनतम तापमान के 4-5 जनवरी को आठ डिग्री सेल्सियस पहुंचने का पूर्वानुमान है। पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव के कारण तीन से पांच जनवरी के बीच राष्ट्रीय राजधानी में हल्की बारिश का भी पूर्वानुमान है।
कश्मीर में भी हाड़ कंपाने वाली शीत लहर जारी रही और नए साल पर घाटी में कई स्थानों पर न्यूनतम तापमान जमाव बिंदु से नीचे चला गया।
अधिकारियों ने बताया कि घाटी में तापमान में गिरावट के बाद कई जलाशयों सहित जल आपूर्ति के पाइपों में पानी जम गया।
मौसम विभाग के अधिकारियों ने बताया कि उत्तरी कश्मीर के गुलमर्ग में तापमान शून्य से नौ डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया। घाटी में गुलमर्ग सबसे ठंडा स्थान रहा। अमरनाथ यात्रा के लिए दक्षिण कश्मीर में आधार शिविर पहलगाम में पारा शून्य से 7.8 डिग्री सेल्सियस नीचे तापमान चला गया।
जम्मू कश्मीर की ग्रीष्मकालीन राजधानी श्रीनगर में तापमान शून्य से 6.4 डिग्री सेल्सियस नीचे चला गया जबकि उससे एक दिन पहले न्यूनतम तापमान शून्य से 5.9 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया था।
कश्मीर में ‘चिल्लई कलां’ की अवधि चल रही है और 40 दिनों की इस अवधि में भीषण ठंड पड़ती है। तापमान गिरने से प्रसिद्ध डल झील समेत घाटी के विभिन्न भागों में जलापूर्ति की पाइपलाइनों में पानी जम जाता है।
हरियाणा और पंजाब में भी शीतलहर का प्रकोप रहा और हिसार में न्यूनतम तापमान शून्य से 1.2 डिग्री सेल्सियस नीचे पहुंच गया। दोनों राज्यों में हरियाणा का हिसार सबसे ठंडा स्थान रहा।
हरियाणा के नारनौल में तापमान शून्य से 0.2 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया। सिरसा, अंबाला, करनाल, रोहतक और भिवानी में क्रमश: दो डिग्री, 4.4 डिग्री, 3.5 डिग्री, दो डिग्री और 3.9 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया।
चंडीगढ़ में 6.1 डिग्री सेल्सियस तापमान रहा।
पंजाब में भी ठंड का प्रकोप बना हुआ है। फरीदकोट में शून्य से नीचे 0.2 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। बठिंडा में 1.2 डिग्री सेल्सियस और अमृतसर में 2.2 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया।
उत्तर प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में पिछले 24 घंटे में घने कोहरे, शीतलहर और ठंड की स्थिति बनी हुई है। मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कई स्थानों पर मौसम सर्द रहा जबकि पूर्वी उत्तर प्रदेश में भी तापमान सामान्य से नीचे दर्ज किया गया।
लखनऊ हवाई अड्डे पर राज्य का सबसे कम तापमान 0.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि सुल्तानपुर में सबसे अधिक 22.0 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया।
मौसम विभाग ने पश्चिमी उत्तरप्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर बारिश और आंधी की आशंका जताई है, लेकिन पूर्वी उत्तर प्रदेश में मौसम सर्द रहने का पूर्वानुमान है।
राजस्थान के अधिकतर हिस्सों में न्यूनतम तापमान में दो से तीन डिग्री सेल्सियस तक वृद्धि होने से लोगों को कड़ाके की सर्दी से राहत मिली है।
मौसम विभाग के अनुसार चूरू शून्य से 0.2 डिग्री सेल्सियस से कम न्यूनतम तापमान के साथ प्रदेश का सबसे ठंडा स्थान रहा। राज्य के एकमात्र पर्वतीय पर्यटक स्थल माउंट आबू में न्यूनतम तापमान शून्य डिग्री दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने दो जनवरी से चार जनवरी तक राजस्थान के जयपुर, भरतपुर, कोटा, अजमेर, बीकानेर संभाग के गंगानगर और हनुमानगढ़ और आसपास के जिलों में कहीं कहीं हल्की और मध्यम स्तर की बारिश का अनुमान जताया है।
दूसरी तरफ, मध्यप्रदेश के अधिकांश हिस्सों में तापमान में मामूली वृद्धि से नये साल के पहले दिन लोगों को कड़ाके की ठंड से कुछ राहत मिली।
मध्य प्रदेश का अधिकांश भाग पिछले कुछ दिनों से कड़ाके की ठंड की चपेट में था। राज्य में सबसे कम तापमान ग्वालियर में 4.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि दतिया में न्यूनतम तापमान 5.2 डिग्री सेल्सियस रहा।
मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) भोपाल के वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक जी डी मिश्रा ने बताया ‘‘पश्चिमी विक्षोभ के परिणामस्वरूप हवा का कम दबाव दक्षिण-पश्चिम राजस्थान में बना हुआ है, इससे तीन जनवरी तक उज्जैन, ग्वालियर एवं चंबल संभागों में बारिश हो सकती है।’’
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)
(The above story first appeared on LatestLY on Jan 01, 2021 08:51 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

