विदेश की खबरें | फलस्तीन को एक राष्ट्र के रूप में मान्यता देगा फ्रांस: मैक्रों

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. इजराइल के हमले के कारण खाद्यान्न एवं आवश्यक सामग्री की आपूर्ति के संकट से जूझ रहे गाजा में मौजूदा हालात को लेकर दुनिया भर के देशों में व्याप्त आक्रोश के बीच फ्रांस के इस फैसले को साहसिक कूटनीतिक कदम माना जा रहा है।

श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

इजराइल के हमले के कारण खाद्यान्न एवं आवश्यक सामग्री की आपूर्ति के संकट से जूझ रहे गाजा में मौजूदा हालात को लेकर दुनिया भर के देशों में व्याप्त आक्रोश के बीच फ्रांस के इस फैसले को साहसिक कूटनीतिक कदम माना जा रहा है।

मैक्रों ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि वह सितंबर में संयुक्त राष्ट्र महासभा में इस फैसले को औपचारिक रूप देंगे। उन्होंने लिखा, ‘‘आज सबसे जरूरी बात यह है कि गाजा में युद्ध रुके और आम नागरिकों की जान बचे।’’

गाजा में युद्ध और मानवीय संकट बढ़ने के कारण अधिकतर देशों के कई सांकेतिक कदम इजराइल पर कूटनीतिक दबाव डालने वाले रहे हैं।

फ्रांस अब फलस्तीन को मान्यता देने वाली सबसे बड़ी पश्चिमी शक्ति बन गया है और उसका यह कदम अन्य देशों के लिए भी ऐसा करने का मार्ग प्रशस्त कर सकता है।

वर्ष 1967 के पश्चिम एशिया युद्ध में इजराइल ने वेस्ट बैंक, पूर्वी यरुशलम और गाजा पर कब्जा कर लिया था और फलस्तीनी कब्जा किए गए इन क्षेत्रों को मिलाकर एक स्वतंत्र राष्ट्र की मांग कर रहे हैं। इजराइल की सरकार और उसका अधिकतर राजनीतिक वर्ग फलस्तीन को एक राष्ट्र के रूप में दर्जा दिए जाने का विरोध करता रहा है।

इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने एक बयान में कहा, ‘‘हम राष्ट्रपति मैक्रों के फैसले की कड़ी निंदा करते हैं।’’

फलस्तीनी प्राधिकरण ने फ्रांस के इस फैसले का स्वागत किया है। इस कदम की घोषणा करने वाला एक पत्र बृहस्पतिवार को यरुशलम में फलस्तीनी राष्ट्रपति महमूद अब्बास को सौंपा गया।

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