देश की खबरें | बिहार में जहरीली शराब से चार और लोगों की मौत
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समस्तीपुर/पटना, छह नवंबर शराब पर प्रतिबंध वाले बिहार में शनिवार को अवैध शराब के सेवन से चार और लोगों की मौत हो गई। दिवाली से राज्य के विभिन्न जिलों में जहरीली शराब से करीब 40 लोगों की मौत हुई है।
मौत के नए मामले समस्तीपुर जिले में आए। इससे पहले गोपालगंज और पश्चिमी चंपारण जिलों में जहरीली शराब पीने से कम से कम 33 लोगों की मौत हो चुकी है।
समस्तीपुर के पुलिस अधीक्षक (एसपी) मानवजीत सिंह ढिल्लों के अनुसार मृतकों में सेना के एक जवान और सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के एक कर्मी समेत चार लोग हैं। ये सभी पटोरी थाना क्षेत्र की रूपौली पंचायत के अंतर्गत आने वाले गांवों के निवासी थे।
ढिल्लों ने कहा, ‘‘बीमार होने वाले दो व्यक्तियों का अभी एक अस्पताल में इलाज हो रहा है। हमें पता चला है कि वे सभी एक अंतिम संस्कार में शामिल हुए थे, जिसके बाद उन्होंने छुट्टी पर अपने घर आए सेना के जवान द्वारा लाई गई शराब का सेवन किया।’’
उन्होंने कहा कि एक जगह से भारत निर्मित विदेशी शराब (आईएमएलफएल) की एक बोतल बरामद की गई, जहां लोगों ने शराब का सेवन किया गया था। शराब के नमूने के रासायनिक विश्लेषण के लिए फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) के अधिकारियों की एक टीम को बुलाया गया है। एसपी ने कहा, ‘‘हम मामले की जांच कर रहे हैं। बताया जाता है कि कुछ और लोगों ने शराब का सेवन किया था और शराब पीने के बाद वे बीमार हो गए। हम उनके परिवार के सदस्यों से पुलिस को मामले के बारे में सूचित करने का आग्रह करते हैं। हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता बीमारों का इलाज कराना है।’’
अप्रैल 2016 में नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली सरकार ने बिहार में शराब की बिक्री और सेवन पर प्रतिबंध लगा दिया था।
इस बीच, युवा कांग्रेस के नेताओं के एक समूह ने पटना में संवाददाता सम्मेलन किया और बताया कि उन्होंने राज्यपाल को एक पत्र लिखकर अनुरोध किया है कि प्रत्येक मृतक के परिजन को 10 लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाए क्योंकि ‘‘मौतें शराबबंदी को ठीक से लागू करने में राज्य सरकार की विफलता को उजागर करती हैं।’’
पूर्व विधायक और पत्र पर हस्ताक्षर करने वालों में से एक, ऋषि मिश्रा ने आरोप लगाया, ‘‘सत्तारूढ़ गठबंधन में भागीदार भारतीय जनता पार्टी की भूमिका की भी जांच की जानी चाहिए। पूर्व में पार्टी के मंत्री के परिसरों से शराब बरामद की गई थी।’’
इंदिरा गांधी कैबिनेट के प्रभावशाली सदस्य, दिवंगत ललित नारायण मिश्रा के पोते ऋषि मिश्रा राज्य मंत्रिमंडल के सदस्य राम सूरत राय की ओर इशारा कर रहे थे। इस साल की शुरुआत में राय के अलग रह रहे भाई के स्वामित्व वाले परिसर से शराब बरामद की गई थी।
नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के सदस्य रह चुके मिश्रा ने कहा, ‘‘भाजपा बिहार में शराब पर प्रतिबंध को लेकर काफी उत्साहित थी, हालांकि उसने अपने शासन वाले किसी अन्य राज्य में शराबबंदी नहीं की है। इस दोहरे रवैये को बेनकाब करने की जरूरत है।’’
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(The above story first appeared on LatestLY on Nov 06, 2021 06:30 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

