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जरुरी जानकारी | चार दिन से जारी गिरावट पर विराम, सेंसेक्स, निफ्टी में मामूली लाभ

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. स्थानीय शेयर बाजार में पिछले चार कारोबारी सत्रों से जारी गिरावट पर सोमवार को अंकुश लगा और बीएसई सेंसेक्स मामूली 14.54 अंक के लाभ में रहा। वैश्विक स्तर पर कमजोर रुख और विदेशी कोषों की निकासी से निवेशकों की धारणा प्रभावित हुई।

जरुरी जानकारी | चार दिन से जारी गिरावट पर विराम, सेंसेक्स, निफ्टी में मामूली लाभ

मुंबई, 25 सितंबर स्थानीय शेयर बाजार में पिछले चार कारोबारी सत्रों से जारी गिरावट पर सोमवार को अंकुश लगा और बीएसई सेंसेक्स मामूली 14.54 अंक के लाभ में रहा। वैश्विक स्तर पर कमजोर रुख और विदेशी कोषों की निकासी से निवेशकों की धारणा प्रभावित हुई।

तीस शेयरों पर आधारित सेंसेक्स कारोबार के दौरान 461.6 अंक ऊपर-नीचे हुआ। अंत में यह 14.54 अंक यानी 0.02 प्रतिशत की मामूली तेजी के साथ 66,023.69 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान यह ऊंचे में 66,225.63 अंक तक गया और नीचे में 65,764.03 अंक तक आया।

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी मामूली 0.30 अंक की बढ़त के साथ 19,674.55 अंक पर बंद हुआ।

वित्तीय, टिकाऊ उपभोक्ता सामान, रियल्टी और बैंक शेयरों में जो लाभ हुआ, वह आईटी, तेल एवं गैस तथा दवा कंपनियों के शेयरों में नुकसान से जाता रहा।

इससे पहले शुक्रवार तक पिछले चार कारोबारी सत्रों में निफ्टी 518 अंक यानी 3.37 प्रतिशत नीचे आया था, जबकि सेंसेक्स 1,829 अंक यानी तीन प्रतिशत प्रतिशत टूटा था।

विश्लेषकों के अनुसार, मुद्रास्फीति तथा उच्च ब्याज दर को लेकर बढ़ती चिंता के बीच अमेरिका में बॉन्ड प्रतिफल बढ़ने से निवेशक चिंतित हैं। विदेशी संस्थागत निवेशक स्थानीय शेयर बाजार में बिकवाल बने हुए हैं।

सेंसेक्स में शामिल कंपनियों में बजाज फाइनेंस सबसे ज्यादा 4.64 प्रतिशत मजबूत हुआ। इसके अलावा बजाज फिनसर्व, कोटक महिंद्रा बैंक, एशियन पेंट्स, अल्ट्राटेक सीमेंट, आईसीआईसीआई बैंक, एनटीपीसी, जेएसडब्ल्यू स्टील और टाटा स्टील प्रमुख रूप से लाभ में रहे।

दूसरी तरफ नुकसान में रहने वाले शेयरों में इन्फोसिस, महिंद्रा एंड महिंद्रा, विप्रो, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, इंडसइंड बैंक और एचसीएल टेक्नोलॉजीज शामिल हैं।

जियोजीत फाइनेंशियल सर्विसेज के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, ‘‘आज का कारोबार मिला-जुला रहा। रियल्टी, बैंक और टिकाऊ उपभोक्ता क्षेत्र का प्रदर्शन बेहतर रहा जबकि आईटी तथा औषधि क्षेत्र संघर्ष करते दिखे। निवेशक वैश्विक अर्थव्यवस्था से जुड़े शेयरों की जगह घरेलू अर्थव्यवस्था से संबद्ध शेयरों को तरजीह दे रहे हैं।’’

नायर ने कहा कि लंबे समय तक उच्च नीतिगत दर को देखते हुए वैश्विक स्तर पर आर्थिक नरमी को लेकर चिंता बढ़ी है।

विश्लेषकों के अनुसार, जेपी मॉर्गन के सरकारी बॉन्ड सूचकांक-उभरते बाजार श्रेणी (जीबीआई-ईएम) में भारत की सरकारी प्रतिभूतियों के शामिल होने से वित्तीय क्षेत्र को मजबूती मिली। इससे कोष की लागत में कमी आने की उम्मीद है।

व्यापक स्तर पर बीएसई में मझोली कंपनियों का सूचकांक ‘मिडकैप’ 0.46 प्रतिशत चढ़ा, जबकि छोटी कंपनियों का सूचकांक ‘स्मॉलकैप’ 0.12 प्रतिशत मजबूत हुआ।

एशिया के अन्य बाजारों में दक्षिण कोरिया का कॉस्पी, चीन का शंघाई कम्पोजिट और हांगकांग का हैंगसेंग नुकसान में रहे, जबकि जापान का निक्की लाभ में रहा।

यूरोप के प्रमुख बाजारों में शुरुआती कारोबार में गिरावट का रुख रहा। अमेरिकी बाजार में शुक्रवार को गिरावट रही थी।

वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 0.39 प्रतिशत की बढ़त के साथ 93.63 डॉलर प्रति बैरल रहा।

शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों ने शुक्रवार को 1,326.74 करोड़ रुपये मूल्य के शेयर बेचे थे। सितंबर के पहले तीन सप्ताह में एफआईआई भारतीय बाजार से 10,000 करोड़ रुपये से अधिक निकाल चुके हैं।

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(The above story first appeared on LatestLY on Sep 25, 2023 07:12 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).