देश की खबरें | एनडीएमए के पूर्व उपाध्यक्ष ने सिंधिया को भेजा पत्र, सभी हवाई अड्डों का बाढ़ ऑडिट कराने का सुझाव दिया
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. दिल्ली हवाई अड्डे के विभिन्न हिस्सों में जलजमाव हो जाने पर चिंता प्रकट करते हुए राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) के पूर्व उपाध्यक्ष एम शशिधर रेड्डी ने केंद्रीय नागर विमानन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया को पत्र भेजकर भारत में सभी हवाई अड्डों का ‘बाढ़ ऑडिट’ कराने का सुझाव दिया।
नयी दिल्ली, 12 सितंबर दिल्ली हवाई अड्डे के विभिन्न हिस्सों में जलजमाव हो जाने पर चिंता प्रकट करते हुए राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) के पूर्व उपाध्यक्ष एम शशिधर रेड्डी ने केंद्रीय नागर विमानन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया को पत्र भेजकर भारत में सभी हवाई अड्डों का ‘बाढ़ ऑडिट’ कराने का सुझाव दिया।
प्राधिकरण में 2005-10 तक सदस्य एवं 2010-14 तक उपाध्यक्ष रहे रेड्डी ने जलजमाव से निजात पाने के लिए दिल्ली हवाई अड्डे के टर्मिनल तीन से नजफगढ़ तक निकासी प्रणाली को चौड़ा करने का भी सुझाव दिया।
रेड्डी ने कहा कि इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा टी 3 टर्मिनल, हवाई अड्डा टैक्सीवे, हवाई अड्डा पहुंचने के मार्ग और अन्य क्षेत्र बारिश की वजह से पानी में डूब गये।
प्रधानमंत्री की अध्यक्षता वाला प्राधिकरण देश में आपदा प्रबंधन के लिए शीर्ष निकाय है।
शनिवार को एक बयान में दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड के प्रवक्ता ने कहा था कि हवाई अड्डा संचालक टर्मिनल 3 को नजफगढ़ से जोड़ने वाली भूमिगत निकासी प्रणाली को चौड़ा करने का पिछले कुछ सालों से राज्य एवं केंद्र की एजेंसियों से अनुरोध कर रहा है।
प्रवक्ता ने कहा कि आकस्मिक भारी वर्षा से दिल्ली हवाई अड्डे का टर्मिनल 3 पर पानी जमा हो गया, जिसे कुछ ही मिनट में साफ किया गया।
रेड्डी ने ई-मेल से सिंधिया को भेजे पत्र में कहा, ‘‘ मुझे समझ में आया कि इस मुद्दे के समाधान के दिल्ली हवाई अड्डे के संचालक द्वारा 2011-12 में 70 लाख रुपये में परामर्शदाता की सेवा ली गयी। ऐसा जान पड़ता है कि टी 3 से नजफगढ नाले तक निकास नाले को चौड़ा करने की सिफारिश थी। दुर्भाग्य से कई सालों तक ऐसा नहीं हुआ ।’’
उन्होंने कहा कि इस बार हवाई अड्डा आधे घंटे की बारिश के बाद ही भर गया। उन्होंने कहा, ‘‘ मुझे आशा है कि दिल्ली हवाई अड्डे के टर्मिनल 3 पर जलजमाव रोकने के लिए निकासी प्रणाली को चौड़ा करने की बहुप्रतीक्षित जरूरत की दिशा में आप प्रयास शुरू करेंगे।’’
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