देश की खबरें | शिवसेना (उबाठा) के पूर्व विधायक का पार्टी के उपनेता पद से इस्तीफा, ‘मौजूदा हालात’ का हवाला दिया
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. शिवसेना (उबाठा) के पूर्व विधायक राजन साल्वी ने बुधवार को महाराष्ट्र के रत्नागिरी जिले के अपने राजापुर निर्वाचन क्षेत्र की ‘मौजूदा परिस्थितियों’ का हवाला देते हुए पार्टी के उपनेता पद से इस्तीफा दे दिया।
मुंबई, 12 फरवरी शिवसेना (उबाठा) के पूर्व विधायक राजन साल्वी ने बुधवार को महाराष्ट्र के रत्नागिरी जिले के अपने राजापुर निर्वाचन क्षेत्र की ‘मौजूदा परिस्थितियों’ का हवाला देते हुए पार्टी के उपनेता पद से इस्तीफा दे दिया।
ऐसी अटकलें लगाई जा रही हैं कि साल्वी उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल होंगे।
अगर साल्वी अपनी पार्टी छोड़ते हैं, तो यह राज्य के तटीय कोंकण क्षेत्र में उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (उबाठा) के लिए एक झटका होगा, जो कभी इसका गढ़ था।
साल्वी 2024 के महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों में शिवसेना के किरण सामंत से हार गए थे। इसके बाद से वह स्थानीय शिवसेना (उबाठा) नेताओं के खिलाफ अपना असंतोष खुले तौर पर व्यक्त करते आए हैं और उन पर अपनी हार के लिए जिम्मेदार होने का आरोप लगाया। शिवसेना (उबाठा) में ‘उप नेता’ पदनाम वाले कई पदाधिकारी हैं।
साल्वी ने बुधवार को ठाकरे को लिखे पत्र में कहा कि वह विधानसभा चुनाव में अपनी हार की नैतिक जिम्मेदारी लेते हैं। शिवसेना (उबाठा) ने चुनावों में खराब प्रदर्शन किया और राज्य की 288 विधानसभा सीट में से केवल 20 सीट ही जीत पाई, जबकि शिंदे की शिवसेना ने 57 सीट जीतीं।
उन्होंने पत्र में लिखा, ‘‘मौजूदा परिस्थितियों और संगठन के भीतर की अंदरूनी राजनीति के बीच मैं अपने पद के साथ न्याय नहीं कर पाऊंगा। अपनी हार की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए मैं पार्टी के उपनेता पद से इस्तीफा दे रहा हूं।’’ बार-बार प्रयास करने के बावजूद साल्वी टिप्पणी के लिए उपलब्ध नहीं हो सके।
साल्वी को अपनी पार्टी में शामिल करने से जुड़े सवाल पर शिंदे ने कहा, ‘‘जो लोग शामिल होना चाहते हैं उनका स्वागत है, क्योंकि पिछले ढाई साल में कई सांसद, विधायक और पार्षद शिवसेना में शामिल हुए हैं जो बाल ठाकरे के आदर्शों पर चलती है।’’
साल्वी की आलोचना करते हुए शिवसेना (उबाठा) सचिव और पूर्व सांसद विनायक राउत ने कहा कि चुनाव में हार के बाद वह भाजपा में शामिल होना चाहते थे, लेकिन पार्टी ने उन्हें स्वीकार करने से इनकार कर दिया।
साल्वी का शिंदे की शिवसेना में शामिल होना राजापुर विधायक किरण सामंत और उनके मंत्री भाई उदय सामंत के प्रभाव को रोकने का एक प्रयास है।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)
(The above story first appeared on LatestLY on Feb 12, 2025 09:30 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

