देश की खबरें | पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के पोते ने नये कृषि कानूनों का समर्थन किया

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के पोते संजय नाथ सिंह नीत ‘ऑल इंडिया फार्मर्स एसोसिएशन’ (एआईएफए) ने बुधवार को उन तीन नये कृषि कानूनों का समर्थन किया, जिनके विरोध में 40 किसान संगठन एक महीने से ज्यादा समय से राष्ट्रीय राजधानी की सीमाओं पर प्रदर्शन कर रहे हैं।

एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

नयी दिल्ली, छह जनवरी पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के पोते संजय नाथ सिंह नीत ‘ऑल इंडिया फार्मर्स एसोसिएशन’ (एआईएफए) ने बुधवार को उन तीन नये कृषि कानूनों का समर्थन किया, जिनके विरोध में 40 किसान संगठन एक महीने से ज्यादा समय से राष्ट्रीय राजधानी की सीमाओं पर प्रदर्शन कर रहे हैं।

केन्द्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर के माध्यम से सिंह ने केन्द्र सरकार को कुछ सुझाव दिए, जो प्रदर्शन कर रहे किसान संगठनों के साथ आठ जनवरी को होने वाली बातचीत में मददगार साबित हो सकते हैं।

उन्होंने कहा कि एआईएफए ने कृषि अनुबंधों की निगरानी के लिए एक स्वतंत्र नियामक संस्था स्थापित करने, कृषि उत्पादों की खरीद और बिक्री में मूल्य की निगरानी के लिए मूल्य नियामक प्राधिकरण बनाने और अनुबंध समझौतों के प्रावधानों को लागू करने सहित अन्य सिफारिश की है।

सिंह ने कहा, ‘‘इन सुझावों के साथ, श्रीमान (तोमर) हम अनुरोध करते हैं कि जल्दी समाधान निकालने के लिए आप किसान नेताओं के साथ बातचीत करें। हमें उम्मीद है कि आपको सफलता मिलेगी और आशा करते हैं कि नये कृषि कानून वापस नहीं लिए जाएंगे।’’

नये कृषि कानूनों को भारतीय कृषि के लिए ऐतिहासिक क्षण बताते हुए सिंह ने कहा कि चूंकि न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) और एपीएमसी मंडी प्रणाली पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में अच्छा काम कर रही है, इसलिए यहां के किसानों को नए कानूनों को लेकर कुछ ‘शंका’ है और केन्द्र ने उसके निवारण के लिए अपना सर्वोत्तम प्रयास किया है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘ऐसा प्रतीत होता है कि निहित स्वार्थ वाले लोग और राजनीतिक अवसरवादी तत्व उन्हें भ्रमित कर रहे हैं।’’

सिंह ने दावा किया कि नये कृषि कानून भारतीय कृषि के लिए आगे का रास्ता खोलेंगे।

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