देश की खबरें | उड़ीसा उच्च न्यायालय के पूर्व मुख्य न्यायाधीश एस मुरलीधर वरिष्ठ अधिवक्ता के रूप में नामित

नयी दिल्ली, 18 अक्टूबर उच्चतम न्यायालय ने उड़ीसा उच्च न्यायालय के पूर्व मुख्य न्यायाधीश एस. मुरलीधर को शीर्ष अदालत के वरिष्ठ अधिवक्ता के रूप में नामित किया है।

अदालत के सूत्रों ने बताया कि यह निर्णय 16 अक्टूबर को उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीशों की पूर्ण पीठ की बैठक में लिया गया।

संविधान के अनुच्छेद 220 के तहत, उच्च न्यायालय के एक पूर्व न्यायाधीश केवल उच्चतम न्यायालय या उन उच्च न्यायालयों में अधिवक्ता के रूप में प्रैक्टिस कर सकते हैं जहां उन्होंने न्यायाधीश के रूप में कार्य नहीं किया है।

न्यायमूर्ति मुरलीधर सात अगस्त को उड़ीसा उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के रूप में सेवानिवृत्त हुए। उन्होंने दिल्ली तथा पंजाब और हरियाणा के उच्च न्यायालयों के न्यायाधीश के रूप में भी कार्य किया।

आठ अगस्त, 1961 को जन्मे न्यायमूर्ति मुरलीधर 12 सितंबर, 1984 को एक वकील के रूप में नामांकित हुए थे और उन्होंने चेन्नई की अदालतों में प्रैक्टिस की और बाद में दिल्ली चले गए।

उन्हें शुरुआत में मई 2006 में दिल्ली उच्च न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में नियुक्त किया गया था और बाद में उन्हें छह मार्च, 2020 को पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय में स्थानांतरित कर दिया गया था।

न्यायमूर्ति मुरलीधर ने चार जनवरी, 2021 को उड़ीसा उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के रूप में शपथ ली थी।

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