देश की खबरें | वर्ष 2019 के बाद पहली बार बीएसएफ और पाक रेंजर्स ने बकरीद पर एक दूसरे को मिठाइयां भेंट की

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) और पाकिस्तान रेंजर्स ने बुधवार को सीमा के विभिन्न स्थलों पर ईद-उल-अजहा (बकरीद) के अवसर पर एक दूसरे को मिठाइयां भेंट की। वर्ष 2019 के बाद पहली बार दोनों देशों के सुरक्षा बलों ने आपस में मिठाइयां बांटकर इस त्योहार की खुशियां साझा की हैं।

नयी दिल्ली, 21 जुलाई सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) और पाकिस्तान रेंजर्स ने बुधवार को सीमा के विभिन्न स्थलों पर ईद-उल-अजहा (बकरीद) के अवसर पर एक दूसरे को मिठाइयां भेंट की। वर्ष 2019 के बाद पहली बार दोनों देशों के सुरक्षा बलों ने आपस में मिठाइयां बांटकर इस त्योहार की खुशियां साझा की हैं।

उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार द्वारा पांच अगस्त 2019 को जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद-370 के प्रावधानों को खत्म किए जाने के बाद पाकिस्तान ने एकतरफा तरीके से त्योहारों के अवसरों पर मिठाइयों के आदान-प्रदान करने के चलन को रोक दिया था।

बीएसएफ के प्रवक्ता ने यहां बताया, ‘‘बीएसएफ और पाकिस्तान रेंजर्स के बीच ईद के मौके पर मिठाइयों का आदा-प्रदान पंजाब के अमृतसर जिले में अटारी स्थित संयुक्त सीमा चौकी पर हुआ। यह चौकी पाकिस्तान के वाघा सीमा के सामने पड़ती है।’’

अधिकारियों ने बताया कि इसी तरह मिठाइयों का आदान प्रदान दोनों देशों के बलों के बीच राजस्थान में पाकिस्तान से लगती सीमा पर भी हुआ। उन्होंने बताया कि जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद-370 को हटाने के बाद पहली बार दोनों देशों के सुरक्षा बलों के बीच मिठाइयों का आदान-प्रदान हुआ है। इससे पहले पाकिस्तान ने वर्ष 2019 के फैसले के बाद त्योहारों के मौकों पर मिठाइयों के अदान-प्रदान करने की परंपरा को जारी रखने से इनकार कर दिया था। हालांकि, बीएसएफ ने पेशकश की थी लेकिन पाकिस्तान की ओर से जवाब नहीं आया था।

बीएसएफ प्रवक्ता ने बताया, हालांकि, पिछले साल कोविड-19 की वजह से यह परंपरा स्थगित कर दी गई थी।

बीएसएफ भारत और पाकिस्तान के बीच 2290 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा की सुरक्षा करती है जो जम्मू, पंजाब, राजस्थान और गुजरात से गुजरती है।

ईद-उल-अजहा के मौके पर जम्मू में भी सीमा पर दोनों बलों के बीच मिठाइयों का आदान-प्रदान हुआ।

बीएसएफ के जम्मू फ्रंटियर ने बयान में कहा, ‘‘ पुलवामा हमले (2019 में) के बाद यह पहली बार है जब दोनों सुरक्षा बलों (बीएसएफ और पाकिस्तान रेंजर्स) के बीच मिठाइयों का आदान-प्रदान हुआ है। लंबे समय से सीमा पर गोलाबारी नहीं हुई है और सीमा के दोनों तरफ शांतिपूर्ण तरीके से कृषि गतिविधियां चल रही है।’’

गौरतलब है कि 14 फरवरी 2019 को जैश-ए-मोहम्मद के आत्मघाती हमलावार ने केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के जम्मू से श्रीनगर जा रहे 70 वाहनों के काफिले को निशाना बनाकर हमला किया था जिसमें बल के 40 जवान शहीद हो गए थे। इसके बाद भारत ने पाकिस्तान के बालाकोट में हवाई हमला कर आतंकवादी ठिकाने को नष्ट कर दिया था।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now

\