नयी दिल्ली, 22 दिसंबर टीकरी बॉर्डर पर किसान आंदोलन स्थल पर हरियाणा की तरफ प्रतिदिन लोक गायक गीतों के माध्यम से संघर्ष की कहानियां बयां कर रहे हैं और प्रदर्शनकारी किसानों का उत्साहवर्धन कर रहे हैं।
राष्ट्रीय राजमार्ग पर छोटी सी जगह में एक अस्थायी मंच बनाया गया है, जहां हरियाणवी गायकों का समूह प्रतिदिन अपने गीत प्रस्तुत करता है।
हिसार से आए स्थानीय लोक कलाकार रामदिया कोट प्रदर्शन स्थल पर पिछले 10 दिन से अपनी कला का प्रदर्शन कर रहे हैं।
सोमवार शाम को उन्होंने अपने प्रेरणास्रोत जाट मेहर सिंह द्वारा लिखा गया हरियाणवी गीत “किसान” प्रस्तुत किया था।
अन्य कलाकारों ने ‘गढ़वा’ (मिट्टी के पात्र), ‘पट्टा’ (चमड़े का टुकड़ा) इत्यादि बजाकर उनका साथ दिया।
रामदिया ने कहा, “किसी भी आंदोलन में कला और संगीत ने अहम भूमिका निभाई है। हरियाणा से आए हम कलाकार किसानों के समर्थन में खड़े हैं। हम भी किसानों की संतान हैं। हम सभी हैं, क्योंकि वे देश का पेट भरते हैं। और आज उन्हें अपने ही देश में धरने पर बैठना पड़ रहा है। सरकार को उनकी बात सुननी चाहिए।”
उन्होंने पीटीआई- से कहा, “जाट मेहर सिंह ने जब जमींदारों के दमन के खिलाफ गीत लिखे थे तब उन्होंने भविष्य देख लिया था कि अन्य शोषण करने वाले खेती की जमीन ले जाएंगे। उनके गीत हमें प्रेरणा देते हैं और हम अपने गाने से प्रदर्शन कर रहे किसानों को प्रेरित करना चाहते हैं।”
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)













QuickLY