देश की खबरें | अनलॉक के चरण में ध्यान कोरोना वायरस को हराने, अर्थव्यवस्था को मजबूत करने पर :प्रधानमंत्री
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नयी दिल्ली, 28 जून प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को कहा कि देश को लॉकडाउन से बाहर निकलने और ‘अनलॉक’ के चरण में प्रवेश करते समय कोरोना वायरस को हराने तथा अर्थव्यवस्था को मजबूत करने पर ध्यान देना होगा।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत ने हमेशा से संकटों को सफलता की सीढ़ियों में परिवर्तित किया है, आपदाओं तथा चुनौतियों पर जीत हासिल की है और वह पहले से भी ज्यादा निखर कर निकला है।
उन्होंने आकाशवाणी पर अपने मासिक ‘मन की बात’ कार्यक्रम में कहा, ‘‘इस अनलॉक की अवधि में दो बिंदुओं पर ध्यान देना होगा- कोरोना वायरस को हराने और अर्थव्यवस्था को मजबूत करने पर।’’
मोदी ने कहा कि अनलॉक की इस अवधि में लोगों को बाहर निकलते समय लॉकडाउन की अवधि से अधिक सतर्क रहना होगा।
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उनका यह बयान देश के कुछ हिस्सों में कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों की पृष्ठभूमि में आया है।
उन्होंने कहा, ‘‘हमेशा याद रखिए, अगर आप मास्क नहीं पहनते, दो गज की दूरी नहीं रखते और अन्य सावधानियां नहीं बरतते तो आप अपने साथ दूसरों को, खासकर घर में बुजुर्गों और बच्चों को भी खतरे में डाल रहे हैं।’’
प्रधानमंत्री ने उम्मीद जताई कि तमाम चुनौतियों के बावजूद देश इसी साल नए लक्ष्य प्राप्त करेगा, नयी उड़ान भरेगा और नयी ऊंचाइयों को छुएगा।
उन्होंने यह भी कहा कि संकट चाहे जितना भी बड़ा हो, भारत ने मुश्किल समय में दुनिया की मदद की और दुनिया ने भी भारत की इस ‘‘विश्व बंधुत्व’’ की भावना को महसूस किया है।
मोदी ने कहा, ‘‘भारत का इतिहास ही आपदाओं और चुनौतियों पर जीत हासिल कर, और ज्यादा निखर कर निकलने का रहा है। सैकड़ों वर्षों तक अलग- अलग आक्रांताओं ने भारत पर हमला किया, उसे संकटों में डाला। लोगों को लगता था कि भारत की संरचना ही नष्ट हो जाएगी, भारत की संस्कृति ही समाप्त हो जाएगी लेकिन इन संकटों से भारत और भी भव्य होकर सामने आया।’
कोरोना वैश्विक महामारी को संपूर्ण ‘‘मानव जाति’’ पर आया ‘‘संकट’’ करार देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि जब छह-सात महीने पहले यह संकट आया था तब किसी को पता नहीं था कि इसके खिलाफ़ चल रही लड़ाई इतनी लम्बी चलेगी।
उन्होंने कहा, ‘‘ये संकट तो बना ही हुआ है, ऊपर से, देश में नित नयी चुनौतियां सामने आती जा रही हैं। अभी, कुछ दिन पहले, देश के पूर्वी छोर पर चक्रवात अंफान आया, तो पश्चिमी छोर पर चक्रवात निसर्ग आया। कितने ही राज्यों में हमारे किसान भाई-बहन टिड्डी दल के हमले से परेशान हैं। और कुछ नहीं तो देश के कई हिस्सों में छोटे-छोटे भूकंप रुकने का ही नाम नहीं ले रहे।’’
प्रधानमंत्री ने कहा कि इन सबके बीच ‘‘हमारे कुछ पड़ोसियों’’ द्वारा जो हो रहा है, देश उन चुनौतियों से भी निपट रहा है।
उन्होंने कहा, ‘‘भारत ने हमेशा, संकटों को सफलता की सीढ़ियों में परिवर्तित किया है। इसी भावना के साथ हमें आज भी आगे बढ़ते ही रहना है। आप भी इसी विचार से आगे बढ़ेंगे, 130 करोड़ देशवासी आगे बढ़ेंगे तो यही साल देश के लिए नए कीर्तिमान बनाने वाला साल साबित होगा। इसी साल में देश नए लक्ष्य प्राप्त करेगा, नयी उड़ान भरेगा, नयी ऊंचाइयों को छुएगा। मुझे 130 करोड़ देशवासियों की शक्ति पर पूरा विश्वास है, आप सब पर है, इस देश की महान परम्परा पर है।’’
मोदी ने कोरोना वायरस संकट के दौरान भारत की वैश्विक भूमिका का जिक्र करते हुए कहा कि संकट चाहे जितना भी बड़ा हो, भारत के संस्कार, नि:स्वार्थ भाव से सेवा की प्रेरणा देते हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘भारत ने जिस तरह मुश्किल समय में दुनिया की मदद की उसने आज शांति और विकास में भारत की भूमिका को और मज़बूत किया है। दुनिया ने इस दौरान भारत की विश्व बंधुत्व की भावना को भी महसूस किया है।’’
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