एजेंसी न्यूज

विदेश की खबरें | ‘विकसित भारत’ बनने के लिए बुनियादी ढांचे, निवेश, नवाचार, समावेशिता पर ध्यान केंद्रित : सीतारमण

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. (ललित के. झा)

विदेश की खबरें | ‘विकसित भारत’ बनने के लिए बुनियादी ढांचे, निवेश, नवाचार, समावेशिता पर ध्यान केंद्रित : सीतारमण
श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

(ललित के. झा)

वाशिंगटन, 23 अक्टूबर केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को कहा कि भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने के लिए नरेन्द्र मोदी नीत सरकार चार प्रमुख क्षेत्रों.... बुनियादी ढांचा, निवेश, नवाचार तथा समावेशिता पर ध्यान केंद्रित कर रही है।

उन्होंने पेन्सिल्वेनिया विश्वविद्यालय के व्हार्टन स्कूल के छात्रों के साथ बातचीत के दौरान यह बात कही।

वित्त मंत्री अंतराष्ट्रीय मुद्रा कोष और विश्व बैंक की वार्षिक बैठकों में हिस्सा लेने के लिए मंगलवार की दोपहर यहां पहुंचीं। वह न्यूयॉर्क से वाशिंगटन डीसी तक कार में आईं। इस बीच वह पेनसिल्वेनिया विश्वविद्यालय में रुकी थीं।

सीतारमण ने छात्रों से कहा, ‘‘ जिस वर्ष हम ब्रिटिश शासन से स्वतंत्रता की 100वीं वर्षगांठ मना रहे होंगे, अर्थात 2047 में.... हम एक विकसित देश बनना चाहते हैं और बनने की आकांक्षा रखते हैं।’’

वित्त मंत्री ने कहा कि इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए सरकार ने चार प्रमुख क्षेत्रों बुनियादी ढांचा, निवेश, नवाचार और समावेशिता की पहचान की है।

उन्होंने साथ ही कहा, ‘‘ संविधान में सकारात्मक कार्रवाई का प्रावधान है। आपको गरीबों का उत्थान करना होगा, आपको अनुसूचित जातियों तथा अनुसूचित जनजातियों का उत्थान करना होगा। यह संविधान में दी गई प्रतिबद्धता है।’’

मंत्री ने कहा कि इसके अलावा चार वर्गों... किसानों, महिलाओं, युवाओं तथा गरीबों की जरूरतों को समझने और उसे पूरा करने की आवश्यकता है। उनके मुताबिक, साथ ही यह सुनिश्चित करना है कि उन्हें संसाधनों तथा अवसरों तक पहुंच मिले।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

(The above story first appeared on LatestLY on Oct 23, 2024 10:18 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).