एजेंसी न्यूज

जरुरी जानकारी | फिच ने चालू वित्त वर्ष में जीडीपी वृद्धि का अनुमान घटाकर 8.7% किया

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. फिच रेटिंग्स ने चालू वित्त वर्ष के लिए भारत की आर्थिक वृद्धि दर के अनुमान को घटाकर 8.7 प्रतिशत कर दिया है। हालांकि उसने अगले वित्त वर्ष के लिए जीडीपी वृद्धि के अनुमान को बढ़ाकर 10 प्रतिशत किया है। रेटिंग एजेंसी ने कहा है कि कोविड-19 महामारी की दूसरी लहर ने आर्थिक पुनरुद्धार को पटरी से उतारने के बजाय उसमें बस देरी की।

जरुरी जानकारी | फिच ने चालू वित्त वर्ष में जीडीपी वृद्धि का अनुमान घटाकर 8.7% किया

नयी दिल्ली, सात अक्टूबर फिच रेटिंग्स ने चालू वित्त वर्ष के लिए भारत की आर्थिक वृद्धि दर के अनुमान को घटाकर 8.7 प्रतिशत कर दिया है। हालांकि उसने अगले वित्त वर्ष के लिए जीडीपी वृद्धि के अनुमान को बढ़ाकर 10 प्रतिशत किया है। रेटिंग एजेंसी ने कहा है कि कोविड-19 महामारी की दूसरी लहर ने आर्थिक पुनरुद्धार को पटरी से उतारने के बजाय उसमें बस देरी की।

फिच रेटिंग्स ने अपने 'एपीएसी सॉवरेन क्रेडिट ओवरव्यू' में कहा कि भारत की 'बीबीबी-/नकारात्मक' साख "एक स्थिर मध्यम अवधि में वृद्धि के मजबूत परिदृश्य और ठोस विदेशी रिजर्व के साथ बाह्य स्तर पर मजबूती को उच्च सार्वजनिक ऋण, एक कमजोर वित्तीय क्षेत्र और कुछ पिछड़े संरचनात्मक कारकों की तुलना में संतुलित करती है।"

उसने कहा कि 'नकारात्मक' नजरिया, महामारी से लगे झटके के कारण भारत के सार्वजनिक वित्त में हुई तेज गिरावट के बाद ऋण के पथ पर अनिश्चितता दिखती है।

फिच ने कहा कि उसने मार्च 2022 को समाप्त होने वाले वित्त वर्ष (वित्त वर्ष 2021-22) के लिए भारत के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के पूर्वानुमान को जून में बताए गए 10 प्रतिशत से 8.7 प्रतिशत तक कम कर दिया है और ऐसा कोविड महामारी की गंभीर दूसरी लहर की वजह से हुआ है।

उसने जून में वृद्धि दर के अनुमान को 12.8 प्रतिशत से घटाकर 10 प्रतिशत कर दिया था।

2021-22 के वित्तीय वर्ष के अनुमानों की तुलना पिछले वित्तीय वर्ष में दर्ज 7.3 प्रतिशत के संकुचन और 2019-20 में चार प्रतिशत की वृद्धि से की जाती है।

रेटिंग कंपनी ने कहा, "हमारे विचार में, हालांकि, दूसरी लहर के प्रभाव के तौर पर भारत का आर्थिक पुनरुद्धार पटरी से उतरने के बजाए, उसमें देरी हुई। इसी को देखते हुए हमने जून में वित्त वर्ष 2022-23 के लिए जताये गये जीडीपी वृद्धि के 8.5 प्रतिशत अनुमान को को बढ़ाकर 10 प्रतिशत कर दिया है।’’

निर्यात, पीएमआई, जीएसटी संग्रह जैसे महत्वपूर्ण आंकड़े चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही (अप्रैल 2021-मार्च 2022) में एक मजबूत वापसी की ओर इशारा करते हैं, क्योंकि व्यावसायिक गतिविधि फिर से महामारी से पहले के स्तर पर लौट आयी है।

फिच ने हालांकि राजकोषीय घाटा बढ़ने की आशंका जतायी है।

उसने कहा, "हमने वित्त वर्ष 2021-22 में केंद्र सरकार के लिए जीडीपी (विनिवेश को छोड़कर) में 7.2 प्रतिशत घाटे का अनुमान लगाया है।

वित्त वर्ष 2021-22 के बजट में चालू वित्त वर्ष में राजकोषीय घाटा 6.8 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया गया है।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

(The above story first appeared on LatestLY on Oct 07, 2021 07:11 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).